logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Yavatmal

Yavatmal: 28 नवंबर से 50 गांव श्रंखलाबद्ध तरीके से करेंगे आमरण अनशन, लेंगे जलसमाधि


यवतमाल: लोअर पैनगंगा बांध विरोधी संघर्ष समिति ने बांध के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है और 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक यवतमाल और नांदेड़ जिलों में डूब क्षेत्र में जाने वाले लगभग 50 गांवों में एक साथ श्रृंखलाबद्ध भूख हड़ताल, भूख हड़ताल और जल समाधि विरोध की चेतावनी दी है।

बांध विरोधी संघर्ष समिति आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है, ऐसे में पुलिस और राजस्व विभाग के लिए कई परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। जैसे-जैसे सरकार द्वारा निचली पैनगंगा परियोजना पर आंदोलन बढ़ा है, उसी ताकत के साथ विदर्भ मराठवाड़ा विरोधी पैनगंगा बांध संघर्ष समिति द्वारा इस परियोजना के खिलाफ एक रणनीति की योजना बनाई गई है।

बांध विरोधी संघर्ष समिति ने विविध सरकारी विभागों को ज्ञापन सौंपकर बताया है कि नांदेड़ और यवतमाल जिलों के जलमग्न क्षेत्रों के लगभग 50 गांवों के नागरिक 28 नवंबर से 30 नवंबर तक क्रमिक अनशन करेंगे। 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक आमरण अनशन करेंगे, और सैकड़ों कार्यकर्ता 4 दिसंबर को विभिन्न स्थानों पर पैनगंगा नदी में जलसमाधि विरोध प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, यह तय है कि विभाग को लिखित सूचना देने के बाद अगला सप्ताह पुलिस और राजस्व विभाग के लिए भागदौड़ वाला होगा।

बांध विरोधी संघर्ष समिति के पदाधिकारी व युवा कार्यकर्ता जलमग्न क्षेत्र के गांवों में जाकर बैठकें कर क्रमिक अनशन, आमरण अनशन व जलसमाधि आंदोलन को सफल बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

इस समय बांध विरोधी समिति ने लोअर पैनगंगा परियोजना के खिलाफ सरकार को कड़ी प्रतिक्रिया देने की रणनीति बनाई है. इस समय साफ नजर आ रहा है कि जलमग्न इलाके के युवा बड़ी संख्या में आंदोलन में हिस्सा लेंगे.