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शिवसेना में शामिल होंगे पूर्व मंत्री संजय देशमुख! राठोड को पटकनी देने उद्धव ठाकरे ने बनाई योजना


यवतमाल: शिवसेना (Shivsena) में हुई टूट को लेकर उद्धव ठाकरे गुट के नेता लगातार एकनाथ शिंदे गुट में शामिल विधायकों को घेरने में लगे हुए हैं। इसी क्रम में दिग्रस से विधायक और मंत्री संजय राठोड (Sanjay Rathod) को घेरने का प्लान बना लिया है। जिसके तहत पूर्व राज्यमंत्री संजय देशमुख (Sanjay Deshmukh) को शिवसेना में शामिल करने का निर्णय ले लिया गया है। इसी क्रम में बीते रविवार को देशमुख ने अकोला में शिवसेना नेता सांसद अरविंद सावंत से मुलाकात की और बातचीत की। जिसके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने शिवसेना पार्टी में उनके प्रवेश तय हो गया है। 

देशमुख मूल रूप से एक शिवसैनिक हैं। उन्होंने शिवसेना के जिला प्रमुख के रूप में पार्टी में काम किया है। 1999 में, पार्टी द्वारा टिकट से वंचित किए जाने के बाद, उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और राकांपा के ख्वाजा बेग को केवल 125 मतों से हराकर विधायक बने। वहीं देशमुख निर्दलीय के बंधन में बंध कर विलासराव देशमुख की सरकार का साथ देकर राज्य मंत्री बने। 2004 चुनाव में भी उन्हें निर्दलीय चुनाव जीता था। हालांकि, 2009 में दिग्रस ने संजय राठोड के चुनाव जीतने के बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था। वहीं अब जब राठोड शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं तो देशमुख ने फिर से सक्रिय राजनीति में आने का प्रयास शुरू कर दिया हैं। इसी क्रम में वह फिर से क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा में भी रह चुके देशमुख


देशमुख ने 1999 से 2009 तक 10 वर्षों तक दिग्रास निर्वाचन क्षेत्र का नेतृत्व किया है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों बार वह निर्दलीय के रूप में जीते। हर बार दिग्रस में नगर पालिकाओं, पंचायत समिति, मार्केट कमेटी, खरीद-बिक्री संघ जैसी जगहों पर देशमुखों ने अपना दमखम दिखाया है। 2019 के विधानसभा चुनावों में, देशमुख ने राठौड़ के खिलाफ निर्दलीय के रूप में लड़ाई लड़ी और राठौड़ की बढ़त को 75,000 मतों से कम कर दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। इस मौके पर वह पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में दिग्रस में बीजेपी में शामिल हुए थे। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने भाजपा भी छोड़ दी थी।

जल्द ही शिवबंधन बांध सकते हैं देशमुख


जहां राठौड़ को बंजारा समुदाय का समर्थन प्राप्त है, वहीं शिवसेना द्वारा देशमुख को मराठा, कुनबी कार्ड पर निर्वाचन क्षेत्र में उतारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। शिवसेना के प्रवेश के संबंध में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और सांसद अरविंद सावंत के साथ संजय देशमुख की चर्चा ने उनके समर्थकों को जल्द ही शिवबंधन बनाने की संभावना व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया है।