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Yavatmal

Yavatmal: मनसे के आंदोलन का चौथा दिन, सड़क पर खड़े हैं सैकड़ों वाहन, अभी तक नहीं निकला कोई समाधान


यवतमाल: वणी तहसील के वेकोली से कोयला परिवहन के कारण येनक, येनाडी, कोलगांव, शेवाला, साखरा, शिवानी गांवों में फसलों को हुई भारी क्षति के कारण यह मुआवजा देने और गांवों में यातायात सड़क बहाली को लेकर मनसे का चक्का जाम आंदोलन आज चौथे दिन भी शुरू है। इस चक्का जाम आंदोलन के कारण कोयला परिवहन करने वाले सैकड़ों वाहन अब भी सड़क पर खड़े हैं। इससे वेकोली को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। 

मनसे का आरोप है कि रबी के मौसम में खेतों में खड़ी कपास और तुरी की फसल कोयला बन जाती है। यह फसल कोयला परिवहन पूरी तरह नष्ट हो जाती है। साथ ही आवागमन की यह सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है। इस क्षेत्र की 306 हेक्टेयर कृषि भूमि धूल के कारण प्रभावित हुई है।

इन फसलों की पैदावार पूरी तरह से कम हो गई है और मिट्टी की बनावट भी ख़राब हो गई है। इसके चलते वेकोली को प्रभावित भूमि का पंचनामा बनाकर मुआवजा देने की मांग मनसे कर रही है। आंदोलनकारियों ने बताया कि इसके समस्या को लेकर यहां के किसानों ने कई बार पत्राचार किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आख़िरकार इन किसानों ने मनसे के सामने ये मुद्दा उठाया। मनसे ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और आक्रामक रुख अपनाया। 

उसके बाद 7 दिसंबर से येनाक-येनाडी शाखा में इस कोयला परिवहन को रोककर मनसे का आंदोलन शुरू है। चार दिनों सैकड़ों वाहन सड़क पर खड़े हैं और इससे लाखों टन कोयले का परिवहन रुका हुआ है।

उपविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों और वेकोलि अधिकारियों ने बार-बार इन आंदोलनकारियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण किसान आंदोलन पर अड़े हुए हैं।