logo_banner
Breaking
  • ⁕ DRI नागपुर की बड़ी कार्रवाई, 2 करोड़ रुपये का 522 किलो से अधिक गांजा जब्त किए; दो लोग गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Gondia: कलपाथरी में बाघ के हमले में युवक की मौत, बकरियों के लिए चारा लेने जंगल गया था मृतक ⁕
  • ⁕ Amravati: पेपर लीक मामले को लेकर अमरावती में NSUI का मशाल मार्च; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग ⁕
  • ⁕ MLC Election: नामांकन वापस लेना शैलेश अग्रवाल और साहेबराव कांबले को पड़ा भारी, कांग्रेस ने दोनों नेताओं को पार्टी से किया निष्काषित ⁕
  • ⁕ विदर्भ में मौसम का यू-टर्न: अमरावती, वर्धा और चंद्रपुर समेत कई जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'; 40km की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश की चेतावनी ⁕
  • ⁕ PF ब्याज पर बड़ा अपडेट: 'घोषणा' से 'जेब' तक का सफर; जानें जून-जुलाई में आपके खाते में क्या होने वाला है! ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Yavatmal

Yavatmal: फसलों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव; आवक घटने से तुअर की कीमतें बढ़ी, आगे और बढ़ने की संभावना


यवतमाल: जलवायु में लगातार बदलाव, कभी ठंड तो कभी कोहरे ने तुअर के उत्पादन को प्रभावित किया है। जिस कारण इस वर्ष बाजार में तुरी की आवक काफी हद तक कम हो गयी है। तुअर कटाई के सीजन में जहां प्रतिदिन 8 से 10 हजार क्विंटल तुअर बाजार में आती थी, वहीं आज केवल 2 से 2.5 हजार क्विंटल ही आ रही है। हालांकि, आवक में कमी के कारण कीमतें बढ़ी हैं और उच्च गुणवत्ता वाली तुरी की कीमत गारंटीशुदा कीमत से 3000 रुपये अधिक है।

जिले में फसल के विकास के बाद दिसंबर माह में जब तुअर खिल रही थी तब बेमौसम बारिश हुई। बारिश से फसलों को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा उसके बाद से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप तुरी में फूल आने के अलावा कीट का प्रकोप भी हुआ।

परिणामस्वरूप, इस वर्ष उत्पादन में गिरावट आयी है। इस समय तुरी का थ्रेसिंग सीजन होने के बावजूद जहां हर दिन 8 से 10 हजार क्विंटल तुअर बाजार में आने की उम्मीद रहती है, वहीं इस साल हर दिन 2 से 2.5 हजार क्विंटल तुअर बाजार में आ रही है। यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में आय और भी कम हो सकती है।