logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का बड़ा खुलासा! रियाज़ काज़ी गिरफ्तार, 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड ⁕
  • ⁕ यवतमाल के रालेगांव से 34 आदिवासी लड़कियां लापता, 6 महीनों में सामने आया चौंकाने वाला मामला ⁕
  • ⁕ भेंडवल की भविष्यवाणी जारी – इस साल कैसा रहेगा मानसून? देश के नेतृत्व को लेकर भी किया गया बड़ा दावा ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर BJP विवाद पर प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण बोले - मेरे नियंत्रण से बाहर है चंद्रपुर का विवाद ⁕
  • ⁕ ताहिर बेग ने खुद को महाराज बताकर महिला का किया शोषण, पुलिस ने आरोपी को अमरावती से किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, पांचपावली पुलिस की ऑपरेशन थंडर के तहत कार्रवाई ⁕
  • ⁕ अमरावती विभाग में बनेंगे 'हाईटेक' एसटी बस स्टॉप; 15 करोड़ रुपये के 'प्रतीक्षालयों' को मिली मंजूरी ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Yavatmal

Yavatmal: हड़ताल पर सरकारी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर, राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग


यवतमाल: वसंतराव नाइक सरकारी कॉलेज और अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ आने वाले सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता रेजिडेंट डॉक्टरों को धमका रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से यही चल रहा है. इसके विरोध में अस्पताल परिसर में सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर रोक लगाकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर एमएआरडी संगठन के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज यानि मंगलवार से हड़ताल शुरू कर दी है. इससे मरीजों की देखभाल प्रभावित हुई है.

पिछले कुछ वर्षों में घटी घटनाओं के कारण वसंतराव नाइक सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चर्चा में आ गया है. इसी तरह आठ दिन पहले मेडिकल कॉलेज की गहन चिकित्सा इकाई में कार्यरत रेजिडेंट महिला डॉ. स्मिता वाघ से इलाज के दौरान कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की बहस हो गई थी. इस बहस का एक वीडियो भी वायरल हुआ. इस संबंध में रेजिडेंट डॉक्टर ने अधिकारियों से शिकायत की. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. 

फिर रविवार 4 अगस्त को रात करीब 12 बजे ऐसी ही घटना दोहराई गई. इसी समय एक मरीज़ अपने रिश्तेदार को लेकर आया, स्थानीय डॉक्टर ने उसे अन्तःरोगी के रूप में भर्ती कर लिया. मरीज के इलाज के दौरान मरीज के परिजनों द्वारा क्या उपचार किया गया है? इस बारे में लिखित जानकारी मांगने पर उन्होंने डॉक्टर से बहस की. इससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया. 

सरकारी अस्पतालों में लगातार इस तरह की घटना हो रही है. इससे रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है और मंगलवार को एमएआरडी संगठन के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी है.

डॉक्टरों से झगड़ा करने वालों पर मुकदमा दर्ज किए जाने, जिले के सरकारी अस्पताल में राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं पर स्थाई रूप से प्रतिबंध लगाने, अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की जाने को लेकर अन्य मांगें भी की गई हैं. इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डॉ. चव्हाण को ज्ञापन दिया गया. डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल प्रभावित हुई है.