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Yavatmal

Yavatmal: क्या शकुंतला रेलवे मार्ग को मिलेगी 'मोदी की गारंटी'? प्रधानमंत्री के दौरे से नागरिक पूछ रहे सवाल


यवतमाल: संपूर्ण पश्चिमी विदर्भ का विकास ब्रिटिशकालीन शकुंतला रेलवे की 'यवतमाल-मूर्तिजापुर-अचलपुर' गेज परिवर्तन परियोजना पर निर्भर करता है। यह रेलवे परियोजना विशेष महत्व रखती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह रेलवे 4 जिलों यवतमाल, वाशिम, अकोला और अमरावती से होकर गुजरती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को यवतमाल के दौरे पर हैं। क्या ब्रिटिशकालीन शकुंतला को पर्याप्त फंड मुहैया कराने से पूरी होगी 'मोदी की गारंटी'? यवतमाल के निवासी ऐसा सवाल पूछ रहे हैं।

शकुंतला रेलवे लाइन के आमान परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विभिन्न संगठनों के माध्यम से प्रयास कर रहे हैं। मुख्य रूप से यवतमाल, कारंजा, मुर्तिजापुर और अचलपुर क्षेत्रों में कई सामाजिक संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।

शकुंतला रेलवे का निर्माण अंग्रेजों ने किसानों की कृषि उपज को आर्थिक राजधानी मुंबई तक पहुंचाने और फिर विदेश भेजने के लिए किया था। जिले के नागरिकों की शिकायत है कि इस रेलवे लाइन के महत्व को समझने में काफी देरी हो रही है।