logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Yavatmal

Yavatmal: क्या शकुंतला रेलवे मार्ग को मिलेगी 'मोदी की गारंटी'? प्रधानमंत्री के दौरे से नागरिक पूछ रहे सवाल


यवतमाल: संपूर्ण पश्चिमी विदर्भ का विकास ब्रिटिशकालीन शकुंतला रेलवे की 'यवतमाल-मूर्तिजापुर-अचलपुर' गेज परिवर्तन परियोजना पर निर्भर करता है। यह रेलवे परियोजना विशेष महत्व रखती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह रेलवे 4 जिलों यवतमाल, वाशिम, अकोला और अमरावती से होकर गुजरती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को यवतमाल के दौरे पर हैं। क्या ब्रिटिशकालीन शकुंतला को पर्याप्त फंड मुहैया कराने से पूरी होगी 'मोदी की गारंटी'? यवतमाल के निवासी ऐसा सवाल पूछ रहे हैं।

शकुंतला रेलवे लाइन के आमान परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विभिन्न संगठनों के माध्यम से प्रयास कर रहे हैं। मुख्य रूप से यवतमाल, कारंजा, मुर्तिजापुर और अचलपुर क्षेत्रों में कई सामाजिक संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।

शकुंतला रेलवे का निर्माण अंग्रेजों ने किसानों की कृषि उपज को आर्थिक राजधानी मुंबई तक पहुंचाने और फिर विदेश भेजने के लिए किया था। जिले के नागरिकों की शिकायत है कि इस रेलवे लाइन के महत्व को समझने में काफी देरी हो रही है।