logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Yavatmal

Yavatmal: जिले में बाघ का आतंक जारी: गाय को बनाया शिकार, किसानों में दहशत


यवतमाल: जिले के मारेगांव तहसील के जंगल क्षेत्र में एक बाघ ने गाय को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद इलाके के किसानों में दहशत का माहौल बन गया है।

घटना 12 नवंबर की है, जब बाघ ने मंगेश मनोहर टोडासे की गाय पर हमला कर उसे मार डाला। गाय के शव पर बाघ के पंजे के निशान और काटने के घाव मिले हैं, जिससे इलाके में बाघ के आतंक का माहौल फैल गया है।

किसान की गाय रोजाना की तरह अन्य जानवरों के साथ जंगल में चरने गई थी, लेकिन बाकी सभी गायें वापस लौट आईं, जबकि मंगेश की गाय नहीं आई। इसके बाद मंगेश और अन्य लोग सुबह जंगल में गए और गाय को मृत पाया। गाय के पीछे से काटे जाने के निशान थे। मंगेश ने बताया कि गाय की गर्दन पर बाघ के काटने के घाव थे, और बगल में पंजों के निशान मिले। टोडासे की गाय एक जर्सी गाय थी, जिसकी कीमत करीब 35 से 40 हजार रुपये थी। गाय की मौत से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। इस घटना से इलाके में भय का माहौल पैदा हो गया है, खासकर किसानों के बीच, क्योंकि इस समय कपास चुगाई का सीजन है और सोयाबीन की फसल भी तैयार है। अब बाघ के हमले से किसानों में चिंता और डर बढ़ गया है।

अब ग्रामीणों और किसानों की मांग है कि वन विभाग इस दिशा में तत्काल कदम उठाए और बाघों का प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जाए।