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Yavatmal

Yavatmal: "स्कूल वाहन सड़क हादसे के जिम्मेदार निदेशक की हो गिरफ्तारी", सड़क पर उतरे ग्रामीण और अभिभावक, दो घंटे तक रहा जाम


यवतमाल: उमरखेड तहसील के दिवटपिंपरी की स्कूली छात्रा महिमा अप्पाराव सरकटे की 25 जनवरी को एक स्कूल बस दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वाहन पलटने से हादसा हुआ और इसमें 20 से 25 छात्र घायल भी हुए थे। स्कूल संस्था के निदेशक की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए छात्रों के परिजनों ने उमरखेड़-पुसद राजमार्ग पर दो घंटे तक चक्काजाम प्रदर्शन किया।  

परिजनों का कहना है कि संस्था के निदेशक दर्शन अग्रवाल ने मालगाड़ी को स्कूल बस बनाकर विद्यार्थियों की जान से खिलवाड़ किया। वाहन चलाने वाले ड्राइवर और स्कूल प्रिंसिपल माधव कदम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुए आठ दिन हो गए हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने संस्था के निदेशक दर्शन अग्रवाल को गिरफ्तार नहीं किया है। साथ ही आरटीओ की रिपोर्ट के मुताबिक उस स्कूल बस का कोई बीमा फिटनेस सर्टिफिकेट, पीयूसी भी नहीं था। 

अभिभावकों का आरोप है कि यह भयानक हादसा इसलिए हुआ क्योंकि संस्था के निदेशक दर्शन अग्रवाल ने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया, जबकि अभिभावकों और छात्रों ने समय-समय पर अभिभावक बैठक में दर्शन अग्रवाल को इस बात को लेकर मौखिक सूचना दी थी। इसके लिए संस्था का निदेशक ही जिम्मेदार है

छात्रों के परिजनों ने पलाशी फाटा में विरोध प्रदर्शन किया गया। पलाशी फाटा उमरखेड़-पुसद राज्य मार्ग पर दो घंटे तक जाम लगा रहा। जाम में दूसरे गांवों के पुरुष, महिलाएं, ग्रामीण और अभिभावक शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान संस्था के संचालक दर्शन अग्रवाल को गिरफ्तार करने की मांग पुलिस प्रशासन से की गई।  

इस रास्ता रोको विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांगें थी कि मृतक छात्रा महिमा अप्पाराव सरकटे के परिवार को न्याय मिले और संस्था के निदेशक दर्शन अग्रवाल को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसी के साथ स्टूंडेंट वेलफेयर इंग्लिश मीडियम स्कूल की मान्यता रद्द की जाए, संस्थान के निदेशक द्वारा मृतिका महिमा के परिवार को एक करोड़ रुपये दिये जायें, जांच अधिकारी बदलने की मांग को लेकर चक्काजाम किया गया।