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Yavatmal

Yavatmal: टिपेश्वर अभयारण्य में मृत पाया गया बाघ


यवतमाल: टिपेश्वर अभयारण्य में पाटनबोरी वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत वन कर्यमचारियों ने भवनखोरी बिट रूम नं. 105 में गश्त के दौरान बाघ का शव दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारी को दी। बाघ की मौत की जानकारी मिलने पर किरण जगताप, वन संरक्षक, वन प्रभाग पांढरकावड़ा, रवींद्र कोंडावर, सहायक वन संरक्षक (वन्यजीव) टिपेश्वर अभयारण्य पाढरकावड़ा, मंगेश बालपुरे वन परिक्षेत्र अधिकारी (वन्यजीव) पाटनबोरी, विवेक येवतकर, वन रेंज अधिकारी (वन्यजीव) परवा, रमज़ान विरानी, ​​​​वन्यजीव वार्डन अतुल ओंकार, पशुधन विकास अधिकारी, पांढरकावड़ा, अनुप कालमेघ, पशुधन विकास अधिकारी, धराना, अक्षय मेश्राम, पशुधन विकास अधिकारी, पाटनबोरी और अन्य वन कर्मी पहुंचे। 

पशु चिकित्सा अधिकारियों के साथ ही वन अधिकारियों ने मृत बाघ का निरीक्षण किया। अवलोकन से पता चला कि मृत बाघ एक नर टी3 (पीकेडी) उपवयस्क था। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। साथ ही जब वन अधिकारी इलाके में घूमे तो कहीं भी किसी इंसान के पैरों के निशान नहीं मिले। इसके बाद पशु चिकित्सा अधिकारी ने मृत बाघ का सार्वजनिक शव परीक्षण किया।

बाघ की मौत किस कारण हुई यह स्पष्ट नहीं हो सका है। उक्त घटना की वन अपराध रिपोर्ट जारी कर पंचनामा दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के आवश्यक सीलबंद नमूने जांच के लिए उप निदेशक, क्षेत्रीय न्यायिक सहायक, वैज्ञानिक प्रयोगशाला, अमरावती को भेजे जाएंगे. निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद बाघ की मौत का कारण पता चलेगा। उक्त मामले में आगे की जांच श्री. टिपेश्वर अभयारण्य पांढरकावड़ा के सहायक वन संरक्षक (वन्यजीव) रवींद्र कोंडावर ऐसा कर रहे हैं।