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Akola

Akola: रोहाना परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने पुनर्वसन की मांग को लेकर किया आंदोलन, मांग नहीं माने जाने पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की दी चेतावनी


अकोला: रोहाना परियोजना से प्रभावित रोहाना गाँव के नागरिक सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने नदी तट पर आक्रोश मोर्चा निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने शीघ्र पुनर्वास और 16 वर्षों से अटकी परियोजना को पूरा करने की माँग की है। माँग शीघ्र पूरी न होने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

रोहाना में उमा नदी पर एक बैराज परियोजना स्वीकृत हुई है। चूँकि रोहाना गाँव डूब क्षेत्र में आता है, इसलिए सरकार से गाँव के पुनर्वास की अपेक्षा थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वादे करती आ रही सरकार ने गाँववासियों को बेसहारा छोड़ दिया है। गाँव में न तो कोई विकास कार्य हो रहा है और न ही सुविधाएँ, और ग्रामीण कष्ट झेल रहे हैं और उनका धैर्य जवाब दे रहा है।

सरकार द्वारा अपने वादे पूरे न करने के कारण, रोहाना में परियोजना से प्रभावित आक्रोशित ग्रामीणों ने अपने अधिकारों के लिए उमा नदी के तट पर जन आक्रोश मोर्चा निकाला और सरकार व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षापूर्ण देरी पर गहरा रोष व्यक्त किया।

बताया जाता है कि उमा नदी पर रोहना बैराज परियोजना के निर्माण का भूमिपूजन 24 अगस्त, 2009 को हुआ था। हालाँकि भूमिपूजन से पहले भूमि अधिग्रहण और प्रभावित गाँवों का पुनर्वास करना सरकार की ज़िम्मेदारी थी, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण गाँवों का पुनर्वास 16 वर्षों से रुका हुआ है।