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Akola

Akola: शेतकरी जागर मंच का रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ‘जागर’ आंदोलन


अकोला: कर्ज में डूबे किसानों के लिए शेतकारी जागर मंच ने रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक जागर विरोध प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया. कृषि गारंटी कानून और संपूर्ण कर्जमाफी समेत कुछ अन्य महत्वपूर्ण मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया गया. इस दौरान भजन के जरिए सरकार को जगाने की कोशिश की गई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वासघात बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और व्यवस्था किसानों के साथ अहंकारपूर्ण और क्रूर व्यवहार कर रही है. इसलिए हमने ये जागर किया है. 

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 19 नवंबर 2021 को बीजेपी ने कृषि वस्तु गारंटी कानून को अस्तित्व में लाने का वादा किया था. हालांकि, तीन साल बाद भी सरकार ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है. इसी मांग को लेकर बुजुर्ग किसान हरियाणा की सीमा पर धरना दे रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने आलोचना की है कि सरकार उनसे चर्चा तक के लिए तैयार नहीं है.

जागर विरोध स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने अन्य तख्तियों के साथ भाग लिया। जिन पर लिखा था - “गारंटीकृत मूल्य कानून पारित किया जाना चाहिए, सोयाबीन, कपास और अन्य कृषि उपज को मूल्य मिलना चाहिए।” इस दौरान मशाल जलाकर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गयी. 

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया किसानों की नींद हराम कर सरकार और प्रशासन गहरी नींद में सो गया है. उन्होंने कहा कि सोई हुई सरकार और व्यवस्था को जगाने के लिए शेतकारी जागर मंच जागर कर रहा है. 

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