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Akola

Akola: जिला महिला अस्पताल में टेंडर घोटाला उजागर, तीन वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी सस्पेंड


अकोला: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रही स्वास्थ्य सेवाओं में एक बार फिर बड़ा घोटाला सामने आया है। जिला महिला चिकित्सालय के एसएनसीयू विभाग में मानव संसाधन की आपूर्ति से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में भारी वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को जिला शल्य चिकित्सक, महिला चिकित्सालय की अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

अकोला जिले के जिला महिला चिकित्सालय में मानव संसाधन आपूर्ति के लिए की गई निविदा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और नियमों के उल्लंघन का मामला उजागर हुआ है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एसएनसीयू विभाग में मानव संसाधन सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु निविदा प्रक्रिया केवल जेईएम पोर्टल पर प्रकाशित की गई, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार यह प्रक्रिया ई-टेंडर पोर्टल के माध्यम से की जानी थी।

इस नियमविरुद्ध प्रक्रिया में 72 निविदाकारों ने भाग लिया, मगर तकनीकी जांच में सिर्फ 4 को पात्र माना गया और अंतिम रूप से केवल दो निविदाओं को ही चुना गया। यह पूरी प्रक्रिया 1 दिसंबर 2016 के सरकारी निर्णय के विरुद्ध पाई गई। सात सदस्यीय जांच समिति ने मामले की जाँच कर स्वास्थ्य उपसंचालक को रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें गंभीर त्रुटियों और दिशा-निर्देशों की अनदेखी की पुष्टि हुई।

इसके बाद कार्यपालक अधिकारी प्रज्ञा सोनटक्के ने जिला शल्य चिकित्सक डॉ. तरंगतुषार वारे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जयंत पाटिल और प्रशासकीय अधिकारी ए.एन. हामरे को शुक्रवार को निलंबित करने का आदेश जारी किया। यह अकोला जिले की पहली ऐसी कार्रवाई है, जब टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण स्वास्थ्य विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर एकसाथ निलंबन की गाज गिरी है। अब इन अधिकारियों के विरुद्ध आगे की विभागीय जांच की जाएगी।