logo_banner
Breaking
  • ⁕ विधानसभा में गूंजा बीडीपेठ डीपी रोड अतिक्रमण और रिंगरोड मटन मार्किट का मुद्दा, विधायक मोहन मते ने राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: घर से 40 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त, एलसीबी और आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई ⁕
  • ⁕ लगातार दूसरे दिन देश में सबसे गर्म रहा अमरावती जिला, तापमान 41.8 डिग्री हुआ दर्ज; विदर्भ के छह जिलों में 40 पार तापमान ⁕
  • ⁕ Amravati: एनएचएम में फंड संकट: दो महीने से वेतन नहीं, स्वास्थ्य योजनाओं पर भी मंडरा रहा खतरा ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमडी ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश, पाचपावली पुलिस की कार्रवाई; दो आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: अफवाह ने बढ़ाया बवाल, हिंगणा में ‘बच्चा चोरी’ के शक में बुजुर्ग महिला से मारपीट ⁕
  • ⁕ मराठी भाषा नहीं पढ़ना स्कूलों को पड़ेगा भारी, ऐसे स्कूलों की मान्यता होगी रद्द; मंत्री दादा भूसे का ऐलान ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Akola

Akola: डॉक्टर ने अदालत में बयान दर्ज कराने में की आना कानी, अदालत ने गिरफ़्तारी का दे डाला आदेश 


अकोला: हत्या के मामले में पोस्टमार्टम करने वाला डॉक्टर अदालत में बयान दर्ज कराने में टालमटाल कर रहा था। नतीजा उसे पुणे से गिरफ़्तार किया गया। इतना ही नहीं डॉक्टर को एक दिन न्यायालयीन कस्टड़ी में रखे जाने का भी आदेश जारी हुआ। जिला व सत्र न्यायालय के न्यायाधीश व्ही. बी. गव्हाणे ने 2018 के हत्या के मामले में अदालत ने सर्वोपचार अस्पताल के तत्कालीन डॉक्टर डॉ. महेश रोहिदास साबले को अदालत ने बयान दर्ज करने के लिए समन जारी किया था। 

लेकिन डॉक्टर बार-बार आदेश की अवहेलना कर रहा था जिसे देखते हुए उसके खिलाफ वारंट जारी हुआ लेकिन तब भी डॉक्टर न्यायालय में बयान दर्ज करवाने के लिए उपस्थित नहीं हुए। जिस वजह से अंतः अदालत को डॉक्टर को गिरफ़्तार करने का आदेश जारी करना पड़ा। 

इस आदेश के जारी होने के बाद अकोला पुलिस ने डॉ महेश साबले को पुणे से गिरफ़्तार किये गया। डॉक्टर द्वारा अदालत में बयान न देने को लेकर अपनाये गए रुख का अच्छा-खासा खामियाज़ा भुगतना पड़ा।