Akola: KYC के कारण अटकी मुआवजे की राशि, बुजुर्ग किसानों को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी
अकोला: केवाईसी की दिक्कत के कारण अकोला जिले में भारी बारिश से नुकसान हुए किसानों को मुआवजे की राशि नहीं मिल पा रही है। बुजुर्ग किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में काम कर हाथों की रेखाएं खराब होने चलते उनका फिंगरप्रिंट ही नहीं निकल पा रहा है। किसानों की मांग है कि राज्य सरकार इस संबंध में नियम बदले और किसानों को मुआवजा दे।
अतिवृष्टि पीएम किसान योजना और अन्य योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता ने बुजुर्ग किसानों के लिए एक बड़ी समस्या पैदा कर दी है क्योंकि केवाईसी के लिए आवश्यक, उंगलियों के निशान मेल नहीं खा रहे हैं। आधार प्रमाणीकरण केवाईसी नहीं होने से फिंगरप्रिंट के कारण बैंक में मदद अटकी हुई है। पात्र लाभार्थी किसानों को केवाईसी के लिए बैंकों, सेतु केंद्रों की चौखट घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है। इसके कारण उन्हें काफी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट झेलना पड़ता है। किसान पूछ रहे हैं कि क्या सरकार अंगूठे के निशान को लेकर कोई कदम उठाने जा रही है।
जुलाई 2023 में भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलें नष्ट हो गईं, प्रशासन ने नुकसान का पंचनामा बनाया और सरकार से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद राज्य सरकार ने किसानों को मदद देने की घोषणा की।
सहायता की राशि किसानों के बैंक खाते में पहुंच गयी है, लेकिन जिले के बुजुर्ग किसान सहायता से वंचित हैं। क्योंकि किसानों को मुआवजे की राशि निकालने के लिए अंगूठे के माध्यम से केवाईसी नहीं है। वंचित किसानों की मांग है कि राज्य सरकार केवाईसी नियमों में बदलाव कर किसानों को सीधे उनके खाते से पैसा उपलब्ध कराये।
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