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Akola

Akola: बंजारा समाज का जिला अधिकारी कार्यालय के आगे प्रदर्शन, फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करने वालों की एसआईटी जांच की मांग


अकोला: विमुक्त जाति (ए) में कई अलग-अलग जातियां शामिल हैं। लेकिन कुछ लोग जाति सादृश्य का फायदा उठाकर अवैध तरीके से जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर रोजगार में लाभ उठा रहे हैं। अत: मूल जाति (ए) के बच्चों को शिक्षा एवं नौकरी के अवसरों से वंचित होना पड़ता है। इसी को लेकर बंजारा बंधुओं ने कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया कि और मांग की कि ऐसे फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने वालों की जांच एसआईटी से कराई जाए।

छूट प्राप्त जाति (ए) की जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रक्त संबंध से संबंधित सरकार का निर्णय 2017, नोटिफिकेशन रद्द किया जाए, फर्जी जाति वैधता प्रमाण पत्र प्राप्त बनाने वाले लाभार्थियों और फर्जी जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों की एसआईटी के माध्यम से जांच की जानी चाहिए, छूट प्राप्त जाति वर्ग पर लागू दाह-संस्कार न करने की शर्त को समाप्त किया जाए। ऐसी मांगे निवेदन में  की गई हैं।

रोजगार में अवैध रूप से आरक्षण का लाभ लेने वाले कर्मचारियों की जांच के लिए नियुक्त विशेष जांच को रद्द करने पर लोगों में व्यापक असंतोष है। इसलिए बंजारा बंधुओं की ओर से कई मांगें की गई हैं, जिसमें जांच के लिए एक कमेटी नियुक्त करने की मांग भी शामिल है।

प्रदर्शन में लता आत्माराम राठौड़, सुलक्षणा राठौड़, सुजाता जाधव, शर्मिला पवार, आशा जाधव, सुरेखा चव्हाण, रानी चव्हाण, अर्चना राठौड़, सागर चव्हाण एवं अन्य बंजारा बंधु उपस्थित थे।