logo_banner
Breaking
  • ⁕ ई-20 पेट्रोल के विरोध में युवक कांग्रेस का हल्लाबोल, नितिन गडकरी का आवास घेरने का प्रयास; बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश पर पुलिस ने रोका ⁕
  • ⁕ आरपीएफ का ऑपरेशन 'नार्कोस', रेलवे स्टेशन पर लावारिस बैग से 4.15 किलो संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद ⁕
  • ⁕ भंडारा से शुरू हुई मंडल यात्रा, विजय वडेट्टीवार बोले- OBC जातिगत जनगणना के लिए सरकार को झुकाना होगा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पिता के ट्रांसफर के लिए बेचे गए मां के गहने, पैसे खोने पर युवक बना चोर; डिजिटल लॉकर तोड़ नहीं, कोड से उड़ाए पैसे ⁕
  • ⁕ समिति अध्यक्षों द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग, विपक्ष ने खोला मोर्चा; मनपा आयुक्त से की शिकायत ⁕
  • ⁕ इलाज या लापरवाही? गर्भवती और गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद अस्पताल के बाहर हंगामा ⁕
  • ⁕ नागपुर-भंडारा राष्ट्रीय राजमार्ग: खड्डों और ट्रैफिक से परेशान कांग्रेस का कापसी में 'रास्ता रोको' प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Akola

Akola: अकोला-पूर्णा रेलवे के ब्रॉड गेज में परविर्तन के 16 साल बाद भी चल रही केवल चार दैनिक ट्रेनें


अकोला: दक्षिण भारत की सबसे सीधी और सबसे कम दूरी वाली अकोला-पूर्णा रेलवे को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किए जाने के 16 साल से अधिक समय बाद भी इस रूट पर केवल चार दैनिक एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। दक्षिण मध्य रेलवे वाशिम, हिंगोली जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ने वाले इस रूट की अनदेखी कर रहा है।

पुराने अकोला-पूर्णा मीटर गेज रेलवे को ब्रॉड गेज में बदलने का काम शुरू किया गया और 11 नवंबर 2008 को पूरा किया गया। उम्मीद थी कि इस रूट के ब्रॉडगेज होने के बाद यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी. लेकिन आज तक इस रूट पर केवल चार दैनिक यात्री ट्रेनें ही चल रही हैं।

फिलहाल इस रूट पर यात्री ट्रेनों की कुल संख्या 22 है लेकिन ज्यादातर ट्रेनें साप्ताहिक और स्पेशल ट्रेनें हैं। ये ट्रेनें दक्षिण भारत से आती हैं और अकोला-भुसावल होते हुए गुजरात या राजस्थान जाती हैं। इस रूट पर वाशिम, हिंगोली, वासमत जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं। यात्रियों की संख्या भी अधिक है, लेकिन यात्रियों का आरोप है कि इस रूट की हमेशा उपेक्षा की जाती है।