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Akola

अकोला में शकुंतला रेलवे के लोको शेड में लगी आग, धुएं में उड़ गया इतिहास!


अकोला: ऐतिहासिक शकुंतला रेलवे के लोको शेड और स्टेशन क्षेत्र में भीषण आग लग गई। सौभाग्यवश इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह रेलमार्ग ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए महज यात्रा का साधन नहीं था, बल्कि एक जीवंत इतिहास था, लेकिन वह इतिहास आग के धुएं में समा गया।

आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही क्षणों में पूरा इलाका काले धुएं के गुबार से ढक गया। लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर भाग गए। नियंत्रण रेखा और आस-पास का क्षेत्र जलकर खाक हो गया। यह घटना पहली बार नहीं घटी है। इसी प्रकार 23 जनवरी 2012 को शकुंतला ट्रेन के एक कोच में आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गया था। इतने वर्षों बाद भी सुरक्षा व्यवस्थाएं प्रभावी नहीं हो पाई, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह चिंताजनक है कि इतने ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन पर अभी भी प्रभावी अग्नि सुरक्षा प्रणाली नहीं है।

सड़क मरम्मत, अग्निशमन सुविधाओं और रखरखाव के प्रति प्रशासन की उपेक्षा एक बार फिर स्पष्ट हो गई है। अग्निशमन कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन सड़कों पर पानी और गड्ढों के कारण वे समय पर पहुंचने में असमर्थ रहे। इस देरी से आग और अधिक भयंकर हो गई। रेलवे कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाई और बड़ा हादसा होने से टल गया। 

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