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Akola: विभिन्न मांगों को लेकर गोर सेना ने नेहरू चौक पर किया रास्ता रोको अंदोलन


अकोला: बंजारा सहित 14 विमुक्त जनजातियों की एसआईटी से जांच कर झूठे जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों और उन्हें लेने वाले लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर गोर सेना ने नेहरू पार्क चौक पर रास्ता  रोको आंदोलन किया।

फर्जी जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों और बंजारा सहित 14 विमुक्त जनजातियों के लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी से जांच, खून के रिश्ते से जुड़ा 2017 का सरकारी फैसला रद्द करने, महाराष्ट्र में वास्तविक राजपूत भामटा जाति के लोगों के निवास की सरकार को तत्काल तालुकावार जिला सूची प्रकाशित करने, साथ ही गैर-अपराधिकता की शर्त खत्म करने जैसी चार प्रमुख मांगों को लेकर गोर सेना और विमुक्त जमाती संगठनों की ने यह विरोध प्रदर्शन किया

पिछले 30 से 35 वर्षों से, उच्च जाति समुदाय के कई लोगों ने विमुक्त जमाती के झूठे जाति प्रमाण पत्र के साथ आरक्षित नौकरियों को हथियाने के लिए जाति और उपनाम सादृश्य का लाभ उठाया है। इसके चलते 14 जातियों के गरीब लोगों ने जाति वैधता प्रमाणपत्र समिति, महानिदेशक बार्टी, पुणे और सरकार से शिकायत करना शुरू कर दिया। इस ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह रास्ता रोको आंदोलन किया गया।

रैली को संबोधित करते हुए गोर सेना अध्यक्ष संदेश चव्हाण ने कहा कि बंजारा समाज तब तक शांत नहीं बैठेगा जब तक बंजारा सहित 14 विमुक्त जनजातियों की आरक्षण की चोरी गई संपत्ति वापस नहीं कर दी जाती। 

चव्हाण ने आरोप लगाया कि विमुक्त जमाती का जाति वैधता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए 1961 से पहले की जाति का प्रमाण अनिवार्य है, लेकिन कई अमीर लोग पैसे के बल पर नकली जाति वैधता प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं। इस आन्दोलन में टाण्ड्या के बंजारों तथा अन्य विमुक्त जनजातियों के महिला-पुरुषों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।