logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में मदर डेयरी को बम से उड़ाने की धमकी, गिट्टीखदान पुलिस जांच में जुटी ⁕
  • ⁕ NEET Exam: पेपर लीक विवाद के बाद अमरावती में अभूतपूर्व सुरक्षा, परीक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन ने की 'मॉक ड्रिल' ⁕
  • ⁕ विदर्भ में कुदरत का डबल अटैक: रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच आंधी-बिजली का हाई अलर्ट, ब्रह्मपुरी 43.2 और वर्धा 43 डिग्री पर झुलसा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: 11 नाम... 4 राज्य और ठगी का खेल; साइबर पुलिस ने हाईटेक महाठग का किया पर्दाफाश ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Akola

Akola: पीकेवी मजदूरों ने विभिन्न मांगों को लेकर किया रास्ता रोको आंदोलन


अकोला: डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले वणी रंभापुर क्षेत्र के मजदूरों ने अपनी मजदूरी का दाम बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर रास्ता रोको विरोध प्रदर्शन किया. मजदूरों ने काम बंद आंदोलन सामाजिक कार्यकर्ता रवि राठी के नेतृत्व में किया.

रवि राठी के नेतृत्व में डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर भूख हड़ताल की गई. मुंबई में बैठक हुई लेकिन यह बैठक विफल रही. कोई नतीजा नहीं निकलने के चलते मजदूर आक्रामक हो गए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वणी रंभापुर प्रदर्शन केंद्र के सामने हजारों परियोजना पीड़ित मजदूरों ने ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया.

परियोजना पीड़ितों का नेतृत्व कर रहे राठी की पुलिस के साथ धक्कामुक्की हुई, जिसके बाद आंदोलन और तीव्र हो गया। इस दौरान हाईवे पर तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा. मीडिया से बात करते हुए राठी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक मजदूरों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन बंद नहीं होगा.