logo_banner
Breaking
  • ⁕ विधानसभा में गूंजा बीडीपेठ डीपी रोड अतिक्रमण और रिंगरोड मटन मार्किट का मुद्दा, विधायक मोहन मते ने राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: घर से 40 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त, एलसीबी और आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई ⁕
  • ⁕ लगातार दूसरे दिन देश में सबसे गर्म रहा अमरावती जिला, तापमान 41.8 डिग्री हुआ दर्ज; विदर्भ के छह जिलों में 40 पार तापमान ⁕
  • ⁕ Amravati: एनएचएम में फंड संकट: दो महीने से वेतन नहीं, स्वास्थ्य योजनाओं पर भी मंडरा रहा खतरा ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमडी ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश, पाचपावली पुलिस की कार्रवाई; दो आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: अफवाह ने बढ़ाया बवाल, हिंगणा में ‘बच्चा चोरी’ के शक में बुजुर्ग महिला से मारपीट ⁕
  • ⁕ मराठी भाषा नहीं पढ़ना स्कूलों को पड़ेगा भारी, ऐसे स्कूलों की मान्यता होगी रद्द; मंत्री दादा भूसे का ऐलान ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Akola

Akola: रबी सीजन भगवान भरोसे, अब तक हुई सिर्फ 38 प्रतिशत बुआई


अकोला: इस साल जिले में 28 फीसदी बारिश की कमी है और बारिश की वापसी से भी झटका लगा है. अत: रबी मौसम के दौरान बुआई क्षेत्र में उल्लेखनीय कमी आती है। रबी सीजन में अब तक महज 38 फीसदी बुआई ही पूरी हो सकी है.

मिट्टी में नमी की कमी के कारण किसानों द्वारा बुआई से मुंह मोड़ने की तस्वीर सामने आ रही है. रबी में चने की फसल सबसे ज्यादा बोई गई है और गेहूं समेत अन्य फसलों का रकबा घट गया है. यह सच है कि शुष्क भूमि के किसानों का रबी मौसम भगवान भरोसे है क्योंकि वापसी की बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। 

अकोला जिले में औसतन 1.21 लाख हेक्टेयर में रबी की बुआई होने की उम्मीद है, भारी बारिश और लगातार बारिश के कारण पिछले दो वर्षों के दौरान रबी सीजन के दौरान बोया गया क्षेत्र बढ़कर 1.50 लाख हेक्टेयर हो गया है. 

कृषि विभाग के माध्यम से इस वर्ष खेती का रकबा 1.54 लाख हेक्टेयर होने की उम्मीद है. खारपानपट्टी में चने की खेती बड़ी मात्रा में होती है, लेकिन इस साल फिर से बारिश होने के कारण किसान बुआई करने की हिम्मत नहीं कर पाये हैं.