logo_banner
Breaking
  • ⁕ रीवा-इतवारी एक्सप्रेस में 6.68 लाख के आभूषण चोरी का मामला, ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ में 4 आरोपी दो दिन में गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: रंगपंचमी पर कामठी में सड़क विवाद में युवक की हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ पाचपावली क्षेत्र में गाड़ी तोड़फोड़ और दहशत फैलाने की घटना: पुलिस ने निकाली आरोपियों की बारात ⁕
  • ⁕ मार्च की शुरुआत और अंगारे बरसने लगे! विदर्भ में गर्मी का 'टॉर्चर' शुरू, अकोला @39.3 डिग्री, तो नागपुर @37.8 डिग्री सेल्सियस ⁕
  • ⁕ डॉ. अभिजीत चौधरी का हुआ तबादला, पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के होंगे नए आयुक्त ⁕
  • ⁕ फिर राज्यसभा जाएंगे शरद पवार, महाविकास अघाड़ी में बनी सहमति; हर्षवर्धन सपकाळ और सांसद सुप्रिया सुले ने किया ऐलान ⁕
  • ⁕ ईरान-इज़राइल युद्ध का असर: हवाई सेवाएं ठप, अमरावती के 14 नागरिक दुबई-अबूधाबी में फंसे ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Akola

रविकांत तुपकर ने मुर्तिजापुर में निकाला मार्च, किसानों के कर्ज के लिए सरकार से की 25 हजार करोड़ रुपये जुटाने की मांग


अकोला: किसान नेता रविकांत तुपकर ने मुर्तिजापुर तहसील में सरकार से सवाल करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने सवाल किया कि यदि लाड़ली बहन के लिए 46 हजार करोड़ रुपये जुटा सकते हैं, तो किसानों की कर्ज मुक्ति के लिए 25 हजार करोड़ रुपये क्यों नहीं जुटा सकते? 

रविकांत तुपकर ने कहा, “पिछले साल की तुलना में इस साल लगातार बारिश के कारण किसानों की आय नहीं होने से खेती की लागत काफी बढ़ गई है. इस साल किसानों को नुकसान हुआ है. सरकार किसानों को तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा दे, अन्यथा आंदोलन के माधयम से मुआवजा लिया जाएगा.”

उन्होंने सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि किसानों के माल का सही दाम नहीं मिल रहा है. इसके लिए सरकार जिम्मेदार है. सरकार को सोयाबीन खली के आयात पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और सोयाबीन खली का निर्यात करने का निर्णय लेना चाहिए, कपास के लिए 12,000 और सोयाबीन के लिए 7,000 का भुगतान करना चाहिए।

इस दौरान, तुपकर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अगले दो दिनों में किसान के खाते में बीमा राशि जमा नहीं की गई, तो हम उस कंपनी का कार्यालय, जिस स्थान पर स्थान पर है वहां रहने नहीं देंगे। 

यह मार्च अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय के समीप सभा में तब्दील हो गया. इस मार्च में तहसील से हजारों किसान शामिल हुए. इस मौके पर अमरावती, बीड, पातुर, कारंजा, वाशिम के किसान नेता मौजूद थे.