logo_banner
Breaking
  • ⁕ रीवा-इतवारी एक्सप्रेस में 6.68 लाख के आभूषण चोरी का मामला, ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ में 4 आरोपी दो दिन में गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: रंगपंचमी पर कामठी में सड़क विवाद में युवक की हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ पाचपावली क्षेत्र में गाड़ी तोड़फोड़ और दहशत फैलाने की घटना: पुलिस ने निकाली आरोपियों की बारात ⁕
  • ⁕ मार्च की शुरुआत और अंगारे बरसने लगे! विदर्भ में गर्मी का 'टॉर्चर' शुरू, अकोला @39.3 डिग्री, तो नागपुर @37.8 डिग्री सेल्सियस ⁕
  • ⁕ डॉ. अभिजीत चौधरी का हुआ तबादला, पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के होंगे नए आयुक्त ⁕
  • ⁕ फिर राज्यसभा जाएंगे शरद पवार, महाविकास अघाड़ी में बनी सहमति; हर्षवर्धन सपकाळ और सांसद सुप्रिया सुले ने किया ऐलान ⁕
  • ⁕ ईरान-इज़राइल युद्ध का असर: हवाई सेवाएं ठप, अमरावती के 14 नागरिक दुबई-अबूधाबी में फंसे ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Akola

Akola: मुर्तिजापुर के रोहना गांव में पिछले छह महीने से नहीं आया नल, पीने के पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण


अकोला: अकोला जिले की मुर्तिजापुर तहसील का रोहना गांव पिछले छह महीनों से गंभीर जल समस्या का सामना कर रहा है। गांव वाले नदी के तल में गड्ढे खोदकर उसका पानी पी रहे हैं। इस पानी के दूषित होने से नागरिकों का स्वास्थ्य भी खतरे में है। ग्रामीणों को नदी के तल में गड्ढे खोदकर नदी के तल से होकर गुजरना पड़ रहा है और जलधारा से पीने का पानी इकट्ठा करना पड़ रहा है। हालाँकि, संबंधित विभाग इस ओर अक्षम्य उदासीनता बरत रहा है। परिणामस्वरूप, ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की है।

एक ओर, अकोला जिले में तापमान बढ़ रहा है। दूसरी ओर, लोग गांव से पानी का घड़ा लेकर पास की सूखी नदी में गड्ढे खोदकर पीने के पानी का जुगाड़ कर रहे हैं। अकोला जिले के मुर्तिजापुर तहसील के रोहना गांव में, सुबह के समय ग्रामीणों को केवल एक ही चिंता सताती है कि पीने के पानी कहां से मिलेगा।

ये ग्रामीण अपनी दैनिक पेयजल आवश्यकताओं के लिए गांव से दूर नदी के किनारे खोदे गए एक गड्ढे से पानी लाते हैं। ग्रामीणों को इसी दूषित पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। ये ग्रामीण अपना सारा काम छोड़कर दो घूंट पानी के लिए प्रतिदिन पैदल चलते हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि गर्मी के मौसम में वे अपने सूखे गले से कैसे राहत पा सकते हैं।

यह समस्या ग्रामीणों को कई वर्षों से परेशान कर रही है। पिछले छह महीनों में यह और भी अंधकारमय हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में स्वतंत्र जलापूर्ति योजना होने के बावजूद बिजली बिल बकाया होने के कारण गांव में जलापूर्ति नहीं हो रही है। संबंधित विभाग या प्रशासन द्वारा अभी भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, इसलिए ग्रामीणों का पेयजल के लिए संघर्ष जारी है। इसलिए ग्रामीण इस उम्मीद में हैं कि पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।