logo_banner
Breaking
  • ⁕ ई-20 पेट्रोल के विरोध में युवक कांग्रेस का हल्लाबोल, नितिन गडकरी का आवास घेरने का प्रयास; बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश पर पुलिस ने रोका ⁕
  • ⁕ आरपीएफ का ऑपरेशन 'नार्कोस', रेलवे स्टेशन पर लावारिस बैग से 4.15 किलो संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद ⁕
  • ⁕ भंडारा से शुरू हुई मंडल यात्रा, विजय वडेट्टीवार बोले- OBC जातिगत जनगणना के लिए सरकार को झुकाना होगा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पिता के ट्रांसफर के लिए बेचे गए मां के गहने, पैसे खोने पर युवक बना चोर; डिजिटल लॉकर तोड़ नहीं, कोड से उड़ाए पैसे ⁕
  • ⁕ समिति अध्यक्षों द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग, विपक्ष ने खोला मोर्चा; मनपा आयुक्त से की शिकायत ⁕
  • ⁕ इलाज या लापरवाही? गर्भवती और गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद अस्पताल के बाहर हंगामा ⁕
  • ⁕ नागपुर-भंडारा राष्ट्रीय राजमार्ग: खड्डों और ट्रैफिक से परेशान कांग्रेस का कापसी में 'रास्ता रोको' प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Akola

Akola: पूर्णा नदी तल सूखने से आठ गांवों में जल संकट, धामणा परियोजना से पानी छोड़ने की मांग


अकोला: पिछले कुछ दिनों से पूर्णा नदी का तल सूखने से बोरगांव वैराले में पशुओं के लिए पीने के पानी समेत सिंचाई की समस्या गंभीर हो गयी है. बोरगांव वैराले ग्राम पंचायत के उपसरपंच राजेश्वर वैराले ने लोकसभा अभियान प्रमुख अनुप धोत्रे को एक ज्ञापन सौंपकर नेर धामना परियोजना से पानीछोड़े जाने की मांग की है। उपसरपंच वैराले ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर वह ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।

इस वर्ष कम मात्रा में बारिश होने के कारण सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बोरगांव वैराले के निकट धामना परियोजना में पानी के अवरुद्ध होने के कारण पूर्णा नदी का तल पूरी तरह से सूख गया है।

क्षेत्र के बोरगांव वैराले, सोनाला, अंदुरा, हटा, नागद, सगाड, दगधखेड, मोखा के सैकड़ों किसान खरीफ और रबी की फसल को बचाने के लिए पूर्णा नदी से पानी पंप कर रहे थे। लेकिन हर साल मार्च महीने तक बहने वाली पूर्णा नदी नवंबर में ही सूख गई है। 

नेर-धामना बैरेज में पानी के अवरुद्ध होने के कारण पूर्णा तालाब सूख गया है और जानवरों के लिए पीने के पानी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। पशुओं के लिए पानी नहीं होने से मवेशी अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। वहीं, तहसील के 10 गांव के खेत पूरी तरह से पूर्णा जल पर निर्भर हैं। लेकिन पानी के अभाव में पूरी फसल सूख गयी है।