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Amravati

Amravati: 547 ग्राम पंचायतों में करोड़ों का भुगतान अटका! अदालत के आदेश के बाद प्रशासकों के वित्तीय अधिकारों पर लगी रोक


अमरावती: अमरावती जिले की ग्रामीण विकास व्यवस्था इस समय एक बड़े वित्तीय संकट से जूझ रही है। जिले की 547 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वहां सरपंचों को ही प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया था। लेकिन अब न्यायालय के एक आदेश के कारण इन प्रशासकों के हाथ बांध दिए गए हैं। अदालत के निर्देशानुसार, इन प्रशासकों को केवल बिजली, पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य और कर्मचारियों के वेतन जैसे आवश्यक खर्चों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन करने पर रोक लगा दी गई है। इस पाबंदी के चलते विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों के करोड़ों रुपये के भुगतान अटक गए हैं।


कार्यकाल खत्म होने के बाद नियुक्त किए गए थे प्रशासक

जानकारी के अनुसार, अमरावती जिले में जनवरी से दिसंबर 2026 के बीच जिन 547 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा था, वहां सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर वर्तमान सरपंचों को ही प्रशासक नियुक्त किया था। इसके साथ ही मौजूदा ग्राम पंचायत की कार्यकारिणी को प्रशासनिक समिति के रूप में मान्यता दी गई थी। इस व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध विभिन्न सरकारी निधियों (फंड्स) के बैंक खातों को प्रशासक और ग्राम पंचायत अधिकारियों के नाम पर स्थानांतरित (खाते बदलना) भी कर दिया गया था।

उच्च न्यायालय के आदेश से बना असमंजस
इसी बीच, राज्य के विभिन्न जिलों से उच्च न्यायालय की खंडपीठ में इस प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ याचिकाएं दायर की गईं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रशासकों के वित्तीय अधिकारों को सीमित करने का आदेश दे दिया। अदालत के इस फैसले के बाद अब ग्राम स्तर पर भारी भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है कि प्रशासक के हस्ताक्षर से कौन सा खर्च किया जाए और कौन सा नहीं।

ग्राम सेवक यूनियन ने उठाया मुद्दा

इस पूरे मामले को लेकर ग्राम सेवक यूनियन के जिला अध्यक्ष आशीष भागवत, प्रशांत टिंगणे और अन्य पदाधिकारियों ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को एक आधिकारिक पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि अदालत के आदेश के बाद पैदा हुए इस असमंजस को जल्द से जल्द दूर किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह ठप न हों और आवश्यक प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाया जा सके।

  • नांदगांव खंडेश्वर: 51
  • अमरावती: 46
  • चांदूर रेलवे: 29
  • धामणगांव रेलवे: 55
  • तिवसा: 28
  • मोर्शी: 39
  • वरुड: 40
  • चांदूर बाजार: 41
  • अचलपुर: 43
  • अंजनगांव सुर्जी: 34
  • दर्यापुर: 48
  • चिखलदरा: 23
  • धारणी: 35
  • भातकुली: 35

    • कुल योग: 547