logo_banner
Breaking
  • ⁕ भंडारा में भीषण सड़क हादसा: ट्रक-पिकअप की जोरदार टक्कर में 8 लोगों की मौत, तीन मासूम भी शामिल ⁕
  • ⁕ पेपर लिक और लापरवाही के खिलाफ MPSC एस्पिरेंट्स का आंदोलन जारी, विपक्ष का महायुति सरकार पर हमला; टास्क फाॅर्स के गठन पर उठाये सवाल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नाबालिग से शादी कराकर बनाए शारीरिक संबंध, पति समेत 5 पर मामला दर्ज ⁕
  • ⁕ Nagpur: दुकान में सेंधमारी कर 1.70 लाख रुपये उड़ाने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग शामिल ⁕
  • ⁕ गोंदिया-बालाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक और बोलेरो की टक्कर में छह की मौत; आठ गंभीर घायल ⁕
  • ⁕ श्वेता महल्ले और संजय गायकवाड़ के बीच जुबानी जंग तेज; भाजपा विधायक के बाप वाले जश्न पर शिवसेना नेता का पलटवार, कहा- समय पर बताऊंगा कौन है असली बाप? ⁕
  • ⁕ Nagpur: मल्टीलेयर साउंड सिस्टम, प्लाज्मा और प्रेशर मिड पर रोक; पुलिस आयुक्त की 60 दिन की अधिसूचना ⁕
  • ⁕ Nagpur: डांस क्लास जाने की बात पर पति-पत्नी में हुआ विवाद, दो बच्चों के सामने पति ने पत्नी के गले और पेट पर किए वार ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Bhandara

Bhandara: एल नीनो के खतरे के बीच भंडारा के किसानों का बड़ा फैसला; मानसून में देरी से निपटने के लिए बदली पीक पद्धति, 'DSR' और 'SRT' तकनीक का सहारा


भंडारा: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा इस साल एल नीनो (El Niño) के प्रभाव के चलते मानसून में देरी और बेरुखी की आशंका जताए जाने के बाद, भंडारा जिले के अन्नदाता ने इस प्राकृतिक चुनौती से निपटने के लिए कमर कस ली है। भंडारा जिले की मुख्य फसल 'धान' (चावल) की बुवाई और रोपाई का समय बेहद नजदीक आ चुका है, लेकिन पारंपरिक खेती में ज्यादा पानी की जरूरत होती है। बदलते मौसम चक्र और पानी की संभावित किल्लत को देखते हुए भंडारा के किसानों ने अपनी पारंपरिक खेती के ढर्रे को बदलते हुए 'कम पानी में अधिक उत्पादन' देने वाली आधुनिक पीक पद्धतियों को अपनाना शुरू कर दिया है।

इस संकट की घड़ी में किसानों का संबल बनने के लिए भंडारा जिले का कृषि विभाग भी पूरी तरह एक्टिव मोड पर आ गया है। कृषि विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञ खुद दफ्तरों से निकलकर सीधे किसानों के बांध (खेतों की मेड़) पर पहुंच रहे हैं। विभाग की ओर से खेतों में ही किसानों को कम पानी में धान की अच्छी पैदावार लेने के लिए DSR (Direct Seeded Rice - सीधे धान बुवाई) और SRT (Saguna Rice Technique - सगुणा राइस तकनीक) जैसी आधुनिक पद्धतियों का लाइव डेमो और प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते परिवेश और अनियमित बारिश के दौर में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए इन नई तकनीकों का सहारा लेना बेहद जरूरी हो गया है। इन तकनीकों के इस्तेमाल से न केवल पानी की भारी बचत होती है, बल्कि मजदूरी और लागत में भी कमी आती है। संकट के इस दौर में कृषि विभाग का यह 'बांधावर मार्गदर्शन' (खेतों पर मार्गदर्शन) भंडारा के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है और किसान भी उत्साह के साथ इस बदलाव को स्वीकार कर रहे हैं।