'मीराबाई' का नाला सफाई ठेका रद्द! 'अर्बन इन्व्हायरो' को सौंपी गई अस्थायी जिम्मेदारी
- पवन झबाडे
चंद्रपुर: महानगरपालिका के जोन क्रमांक 1, 2 और 3 में खुले एवं भूमिगत नालों की मशीनों के माध्यम से सफाई के ठेके में कथित गड़बड़ी का मामला आखिरकार सामने आ गया है। मनुष्यबल उपलब्ध कराने वाली 'संत मीराबाई सेवा सहकारी संस्था, चंद्रपुर' द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज जांच में फर्जी पाए जाने के बाद, शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में इस संस्था का ठेका रद्द करने का बड़ा फैसला लिया गया। अब नई व्यवस्था होने तक शहर में घंटागाड़ी का काम देखने वाली 'अर्बन इन्व्हायरो' संस्था को नाला सफाई की अस्थायी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नाला सफाई के काम में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए मनपा ने निविदा प्रक्रिया आयोजित की थी। लेकिन संत मीराबाई संस्था द्वारा जमा किए गए ईपीएफ और अन्य दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर विसंगतियां और अनियमितताओं की शिकायत स्थायी समिती के नगरसेवकों ने की थी।
इस मामले में स्थायी समिति सभापति मनस्वी गिऱ्हे द्वारा गठित जांच समिति की सीलबंद रिपोर्ट आज स्थायी समिती सभा मे पेश की गई।
प्रशासनिक जांच में संस्था के दस्तावेज फर्जी साबित होने के बाद स्थायी समिति ने ठेका रद्द करने का निर्णय लिया।
कचरा फेंकने वालों की अब खैर नहीं जुर्माने में तीन गुना बढ़ोतरी
शहर में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंककर गंदगी फैलाने वालों पर अब मनपा सख्त कार्रवाई करेगी। पहले ऐसे लोगों से 200 रुपये जुर्माना वसूला जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर सीधे 500 रुपये कर दिया गया है। सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश स्थायी समिति सभापति मनस्वी गिऱ्हे ने दिए हैं।
स्थायी समिति में सत्ताधारी-विपक्ष आमने-सामने
संत मीराबाई संस्था की जांच रिपोर्ट को लेकर स्थायी समिति की बैठक में सत्ताधारी और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। रिपोर्ट सामने आते ही सभापति मनस्वी गिऱ्हे, सदस्य सुभाष कासमगोट्टूवार और प्रज्वल कडू ने फर्जीवाड़ा करने वाले ठेकेदार का ठेका तुरंत रद्द करने की मांग की।
वहीं विपक्ष ने सीधे ठेका रद्द करने के बजाय पहले प्रशासन से नियमों और कानूनी पहलुओं की जांच करने की मांग की। इस दौरान पप्पू देशमुख ने कहा कि यदि ठेका गलत तरीके से मंजूर हुआ है तो सिर्फ ठेकेदार ही नहीं, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार मनपा अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रज्वल कडू ने भी इस मांग का समर्थन किया।
इरई नदी गहरीकरण में घोटाले का आरोप? पप्पू देशमुख ने सौंपा '10 बिंदुओं' वाला रिपोर्ट
नाला सफाई विवाद के साथ ही बैठक में इरई नदी गहरीकरण कार्य में कथित घोटाले का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। गहरीकरण उपसमिति के सदस्य पप्पू देशमुख ने आरोप लगाया कि नदी गहरीकरण के काम में गंभीर खामियां हैं और केवल औपचारिकता पूरी करने जैसा काम किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि नदी खुदाई से निकली कीमती मिट्टी की अवैध बिक्री की गई। इस पूरे मामले का खुलासा करने वाली 10 बिंदुओं वाली विस्तृत रिपोर्ट पप्पू देशमुख ने स्थायी समिति को सौंपी। उन्होंने मनपा और राजस्व विभाग के माध्यम से संयुक्त जांच कर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिससे मनपा प्रशासन में हलचल मच गई है।
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