logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Chandrapur

Chandrapur: जलजीवन मिशन के काम में ढिलाई बरतना ठेकेदारों को पड़ा भारी, जिला परिषद ने ठोका जुर्माना


चंद्रपुर: जलजीवन मिशन के काम में ढिलाई बरतने पर जिला परिषद ने 78 ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया है। जिला परिषद् ने प्रतिदिन टेंडर की कुल राशि का ढाई परसेंट जुर्माना लगाया है। ज़ेडपी की करवाई से ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल के नारे के तहत ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति का काम चल रहा है. केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में जलजीवन मिशन की परियोजना शुरू की है। इस परियोजना का कार्य जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के माध्यम से चल रहा है. जलजीवन मिशन के तहत जिले में 1283 कार्य लिये गये।

इन कार्यों के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किये गये. इतने सारे ठेकेदारों ने टेंडर भरे थे. टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्य आवंटित किये गये. शुरू से ही ठेकेदारों को जलजीवन मिशन का काम तय समय सीमा के अंदर पूरा करने को कहा गया था. कार्य समय पर पूरा हो, इसके लिए ठेकेदारों को समय-समय पर धनराशि उपलब्ध करायी गयी। समय पर धनराशि जारी होने के बाद कई ठेकेदारों ने काम में तेजी नहीं लाई।

कुछ ठेकेदारों ने तो काम ही शुरू नहीं किया था। इसलिए इस दौरान ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष ठेकेदारों की सुनवाई हुई। सुनवाई में ठेकेदारों ने काम में तेजी लाने का वादा किया था. हालांकि इसके बाद भी कई ठेकेदार जलजीवन मिशन के काम में ढिलाई बरत रहे हैं. इसलिए पिछले कुछ दिनों से ठेकेदारों से कार्य रिपोर्ट मांगी जा रही थी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक 136 ठेकेदारों के काम में कोई प्रगति नहीं हुई. इसलिए 136 ठेकेदारों पर जुर्माना प्रस्तावित किया गया। इसी के तहत दो दिन पहले 78 ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया गया है। एक-दो दिन में बाकी ठेकेदारों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना टेंडर का 2.5 फीसदी है. इसमें सबसे ज्यादा 41 ठेकेदार जिवती तालुका से हैं, इसके बाद कोरपना तालुका के ठेकेदार हैं। दिलचस्प बात यह है कि 382 काम अधूरे हैं।

जलजीवन मिशन के तहत जिले में 1283 कार्य लिये गये। ये काम मार्च 2024 तक पूरे होने हैं. उसी को लेकर जिला परिषद की ओर से योजना बनायी जा रही है. वर्तमान में 382 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्य प्रगति पर है। ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को उम्मीद है कि मार्च माह तक करीब 70 फीसदी काम पूरा हो जायेगा. जलजीवन मिशन योजना पर इस वित्तीय वर्ष में 122 करोड़ 71 लाख 51 हजार रुपये खर्च किये गये हैं।