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Chandrapur

Chandrapur: प्रशासनिक भवन में लगी आग में उठ रहा संदेह का धुआं


-पवन झबाड़े 

चंद्रपुर: प्रशासनिक भवन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कार्यालय में लगी आग में अब संदेह का धुआं उठने लगा है। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि इस कार्यालय में आग इसलिए लगाई गई ताकि जब्त किए गए और नष्ट किए गए सुगंधित तंबाकू के दस्तावेज किसी के हाथ न लग जाएं। पुलिस को भी पूरा शक है कि इस आग के पीछे कोई बड़ी साजिश है। 

इस कार्यालय में पुलिस विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जब्त किये गये सुगंधित तम्बाकू का भंडार रखा जाता है। हर तीन महीने में जब्त किए गए सुगंधित तंबाकू के स्टॉक को नष्ट कर दिया जाता है। नष्ट करते समय सरकारी एवं गैरसरकारी एजेंसियों की आवश्यकता होती है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है। यह कार्यालय के दस्तावेजों में दर्ज है। हालांकि, कोरोना काल से लेकर पिछले कुछ महीनों तक जब्त किए गए स्टॉक को नष्ट करने की प्रक्रिया ज्यादातर बिना दस्तावेजों के ही की गई।

तत्कालीन खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों और एक इंस्पेक्टर की सुगंधित तंबाकू तस्करों से खास दोस्ती थी। सूत्रों का कहना है कि इस दोस्ती से जब्त किया गया स्टॉक दोबारा तस्करों को सौंप दिया जाता था। अब तक करोड़ों की जब्त की गई सुगंधित तंबाकू दोबारा तस्करों के हवाले कर दी गई। अब तक कोई बाधा नहीं थी, लेकिन दो माह पहले संबंधित अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इसके बाद इस कार्यालय में पिछले तीन वर्षों के घोटालों की चर्चा नये अधिकारियों के कानों में पड़ी। कार्यालय स्टाफ ने नए अधिकारियों को इस मामले की अतिरिक्त जानकारी प्रदान की।

इस पर आये नए अधिकारी की नजर पड़ी। नष्ट किए गए और कब्जे में रखे गए सुंगंधित तंबाकू के स्टॉक के रिकॉर्ड और पंचों की जांच से बड़े घोटाले का पता चलेगा। इसलिए चर्चा है कि तस्करों द्वारा अभिलेखों वाले दस्तावेजों व कंप्यूटरों को नष्ट करने के लिए उनमें आग लगा दी। कार्यालय शनिवार एवं रविवार को बंद रहता है। आग लगाने के लिए शनिवार की आधी रात का समय चुना गया।

इस आग में जैसा कि तस्करों को उम्मीद थी पूरे दस्तावेज जलकर खाक हो गए। इतना ही नहीं सीसीटीवी का सीडीआर भी जलकर ख़ाक हो गया। इसलिए जब्त और नष्ट किए गए स्टॉक की जांच भी करा ली जाए तो भी किसी के हाथ कुछ नहीं लगेगा। आग बुझाने में अग्निशमन की टीम को छह घंटे लग गए, आग की तीव्रता बहुत ज्यादा थी। शॉर्ट सर्किट से इतनी बड़ी आग नहीं लग सकती। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई साजिश है।