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Chandrapur

Chandrapur: जिले में फ्लेवर्ड तंबाकू की तस्करी जारी, जिलाधिकारी के निर्देश की उड़ रही धज्जियां


चंद्रपुर: जिले में कलेक्टर विनय गौड़ा ने बार-बार तंबाकू, सुपारी, गुटखा पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर फ्लेवर्ड तंबाकू के तस्कर के रूप में कुख्यात 'जयसुख' द्वारा लगातार अवैध रूप से तस्करी जारी है। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि, उसे अनधिकृत रूप से अनुमति मिली हुई है। 

बल्लारपुर के बांस डिपो क्षेत्र में जयसुख का बड़ा गोडावन है। जिला कलक्टर को फ्लेवर्ड तंबाकू तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था। उसके बाद कुछ दिनों के लिए तस्करी बंद कर दी गई थी। जयसुख पुलिस विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन में इस तस्करी के मास्टरमाइंड के रूप में जाना जाता है। उसके भाई हरीश के नाम पर तस्करी की अनुमति देने का प्रस्ताव संबंधित विभाग के समक्ष रखा गया था। लेकिन जयसुख के प्रबंधन कौशल को देखकर आखिरकार उन पर भरोसा किया गया।

उन्हें फ्लेवर्ड तंबाकू की तस्करी की जानकारी दी गई है। आस-पास के राज्यों में फ्लेवर्ड तंबाकू और गुटखा की बिक्री पर कोई रोक नहीं है। वहां से सुगंधित तंबाकू को ट्रक व अन्य वाहनों से बल्लारपुर लाया जाता है। बल्लारपुर के बांस डिपो क्षेत्र में एक बड़ा गोदाम है। इसे वहां तस्करी के लिए उतारा जाता है। इसके बाद जयसुख इसे जिले भर में बांटता है।

दिलचस्प बात यह है कि पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन अभी तक उन तक नहीं पहुंच पाया है। कहा जाता है कि उन्हें एक ऐसे पुलिस अधिकारी का आशीर्वाद प्राप्त है जो नेताओं का जन्मदिन मनाने के लिए जाना जाता है। इस अधिकारी का तबादला कर दिया गया है। लेकिन उन्होंने अभी तक कुर्सी नहीं छोड़ी है। कुछ दिन पूर्व समाहरणालय के 20 कलमी हाल में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक हुई.

बैठक में कलेक्टर विनय गौड़ा ने फ्लेवर्ड तंबाकू तस्करों की स्मैक पर रोक लगाने के निर्देश दिये. इस अवसर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त नितिन मोहिते सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. लेकिन किसी ने भी गौड़ा की बात नहीं मानी. दूसरी ओर अनाधिकृत अनुमति का चौंकाने वाला चलन शुरू हो गया है।