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प्रदेश में वन विभाग की जटायु संरक्षण परियोजना प्रारंभ, हरियाणा से लाए गए 10 गिद्धों को ताडोबा के बोटेझरी में छोड़ा गया


चंद्रपुर: प्रदेश में वन विभाग की जटायु (गिद्ध) संरक्षण परियोजना शुरू हो गई है। हरियाणा से लाए गए दस गिद्धों को चंद्रपुर के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के बोटेझरी में जंगल में छोड़ा गया।

यहां की जलवायु के अनुकूल ढलने के लिए अब दस गिद्धों को एक बड़े पिंजरे में छोड़ा गया है। चूंकि राज्य में गिद्धों की संख्या में चिंताजनक रूप से गिरावट आई है, समग्र प्रकृति श्रृंखला की कड़ी कमजोर हो गई है।

हरियाणा के पिंजौर में गिद्ध संरक्षण परियोजना से सफेद पीठ वाले गिद्ध प्रजाति के चार वर्षीय गिद्धों को मुक्त कराकर गिद्धों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

अयोध्या में राम मंदिर मूर्ति प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम के मौके पर वन विभाग ने रामायण के अहम पात्र जटायु के संरक्षण के लिए यह अहम कदम उठाया है। अगले तीन महीने तक इस बड़े पिंजरे में जलवायु के अनुकूल ढलने के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। महाराष्ट्र वन विभाग इन गिद्धों की समग्र गतिविधि और दैनिक दिनचर्या पर कड़ी नजर रखेगा।