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Chandrapur

Chandrapur: चीतल के मांस के नाम पर देसी सूअर का मांस बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़; दो गिरफ्तार


चंद्रपुर: चंद्रपुर शहर में चीतल के मांस के नाम पर देसी सूअर का मांस बेचकर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का वन विभाग ने पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।वन विभाग को मिली जानकारी के अनुसार मयूर होटल परिसर में जाल बिछाया गया। इस दौरान कोरपना निवासी भालचंद्र मनोहर शिरकुरे को मांस के सात हिस्से बेचते हुए पकड़ा गया।

पूछताछ में उसने बताया कि उसने पड़ोली निवासी दिनेश खाटीक से लगभग 50 किलो देसी सूअर का मांस खरीदा था। इसके बाद वन विभाग ने दिनेश खाटीक को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।जांच के दौरान भालचंद्र शिरकुरे ने बताया कि उसने सुरेंद्र मसाराम मानकर को मांस के पांच हिस्से दो हजार रुपये में तथा अनिल बाबाराव भोयर को दस हिस्से चार हजार रुपये में बेचे थे।

आगे की पूछताछ में सुरेंद्र मानकर ने बताया कि उसने इनमें से दो हिस्से मनोहर मानकर को डेढ़ हजार रुपये में और तीन हिस्से उदय थूल को दो हजार रुपये में बेचे। वहीं, अनिल भोयर ने छह हिस्से बिट्टू गोत्रा को तीन हजार रुपये में तथा दो हिस्से पप्प्या को एक हजार रुपये में बेचने की बात स्वीकार की। इस मामले में सुरेंद्र मानकर, अनिल भोयर, मनोहर मानकर, उदय थूल और पप्प्या फिलहाल फरार हैं। वन विभाग उनकी तलाश कर रहा है।

इस बीच आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान उनमें जंगली मुर्गी और चीतल के शिकार से संबंधित वीडियो मिले। जांच में सामने आया कि ये वीडियो गणेश पवार (झरी, जिला यवतमाल) से प्राप्त किए गए थे। ग्राहकों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि उन्हें चीतल का मांस बेचा जा रहा है, ये वीडियो दिखाए जाते थे।

वन विभाग द्वारा जब्त किए गए मांस की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह किस प्राणी का मांस है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई से शहर में मांस बिक्री के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है।