Chandrapur: नियमों को ताक पर रख वनरक्षक बना वन विभाग का ठेकेदार, दो जिलों में ठेकेदारी का जाल
चंद्रपुर: वन संपत्ति की रक्षा की जिम्मेदारी जिस पर है, वहीं वनरक्षक अब ठेकेदार बन गया है। ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चंद्रपुर वन विकास महामंडल में कार्यरत प्रशांत शेजवल नामक वनरक्षक द्वारा नियमों को दरकिनार कर गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिलों में करोड़ों रुपये के ठेके लेने की जानकारी सामने आने से हड़कंप मच गया है। प्रशांत शेजवल वर्ष 2016-17 के आसपास मोहर्ली में फायर ब्रिगेड में कार्यरत था। इसके बाद उसकी बदली चिचपल्ली में हुई, जहां उसने पांच वर्षों तक सेवा दी। फिर घंटाचौकी में तीन वर्षों तक कार्य करने के बाद अब वह पुनः चंद्रपुर के ‘फिरते पथक’ में तैनात है। एक ही सर्कल में इतने वर्षों तक उसकी तैनाती कैसे बनी रही, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अपने और दूसरों के नाम पर ठेके
वनरक्षक के रूप में कार्यरत रहते हुए ही शेजवल ने वर्ष 2019-20 से ठेकेदारी में भी कदम रख लिया। लक्कड़कोट के साथ-साथ गढ़चिरौली जिले के घोट और एटापल्ली रेंज में उसके काम चल रहे हैं। कुछ ठेके वह अपने नाम से तो कुछ दूसरों के नाम पर कर रहा है। उसके ही जैसे एक अन्य वन कर्मचारी के भी ठेकेदारी में शामिल होने की चर्चा है। इसे वन विभाग और शासन के साथ धोखाधड़ी बताया जा रहा है। मामले की जांच की मांग उठ रही है।
निलंबन की मांग
इसी बीच ग्रामीणों ने प्रशांत शेजवल की जिला-बाह्य बदली की मांग की है। आरोप है कि वह जिले में रहकर वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा रहा है और तस्करों के साथ मिलकर वन विभाग को लूट रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उसे तत्काल जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाए, अन्यथा निलंबित किया जाए।
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