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'उन्हें घर बुलाकर मंत्री बनाना मेरी गलती थी...', बच्चू कडू के शिंदे गुट में जाते ही भड़के उद्धव ठाकरे


नागपुर: महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल और बयानों का दौर एक बार फिर गरमा गया है। प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू द्वारा अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय करने के फैसले पर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उद्धव ठाकरे ने बच्चू कडू पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें "लालची" तक कह डाला और उन्हें मंत्री बनाने के अपने फैसले को एक बड़ी भूल करार दिया।

'उन्हें घर बुलाकर मंत्री बनाना मेरी बड़ी गलती'-उद्धव ठाकरे
बच्चू कडू के पाला बदलने पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा, "जो हमें छोड़कर गए, वे एक पुराने शिव सैनिक थे। उन्हें घर बुलाकर मंत्री बनाना मेरी गलती थी। जो लालच में चले गए, उन्हें जाने दो, मुझे इस बात की खुशी है कि आज भी सच के लिए लड़ने वाले निष्ठावान कार्यकर्ता मेरे साथ मजबूती से खड़े हैं।" उद्धव ठाकरे के इस बयान से साफ है कि बच्चू कडू के शिंदे गुट में जाने से महाविकास अघाड़ी और ठाकरे गुट में भारी नाराजगी है।

"कपड़े उतरे तो मिंधे गुट में होकर जिंदा दफन हुए"
उद्धव ठाकरे के बयान के साथ ही शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय (Editorial) में भी बच्चू कडू की राजनीतिक चाल पर जमकर शब्द-बाण चलाए गए हैं। 'सामना' ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा ,"राजनीतिक अंत की शुरुआत: "मिस्टर बच्चू कडू, जो लंबे समय तक अमरावती डिवीज़न में MLA और मंत्री रहे, वो 'मिंधे' (शिंदे) ग्रुप में शामिल हो गए हैं और वहां जाकर खुद ही ज़िंदा दफ़न हो गए हैं।"

संपादकीय में आरोप लगाया गया कि कोविड काल के बाद जब राज्य में सत्ता बदली, तो कडू ने दिव्यांगों और खेतिहर मजदूरों की भलाई के नाम पर शिंदे सरकार को लुभाना शुरू किया। लेकिन जब इस जी-हुजूरी के बाद भी उन्हें मंत्री पद नहीं मिला, तो वे फिर से सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन की नौटंकी करने लगे।

सामना के जरिए चुनाव हारने पर तंज
'सामना' ने आगे लिखा कि साल 2024 के विधानसभा चुनाव में जनता ने कडू महाराज को हरा दिया था। जब लोगों ने उनके "MLA वाले कपड़े उतार दिए", तब से उनका संघर्ष (अस्तित्व बचाने के लिए) चल रहा था। अब इस 'लुभाने वाली आत्मा' ने नए कपड़े पहन लिए हैं और शिंदे पार्टी में शामिल होकर फिर से 'MLA के तौर पर जीवन का दीया जलाने' की कोशिश की है।