नागपुर जिले के 13 सहित विदर्भ के 95 तहसीलों में अकाल घोषित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जारी किया जीआर
नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने सूखे के कारण मुश्किलें में फंसे किसानों को बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री ने विदर्भ के 95 तहसीलों सहित राज्य की 265 तहसीलों में अकाल घोषित कर दिया है। इसको लेकर राज्य सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। इस निर्णय के साथ सभी तहसीलों में ट्रिगर-एक नियम लागू हो गया है।
ज्ञात हो कि, इस बार विदर्भ सहित महाराष्ट्र में औसतन से कम बारिश हुई है। महाराष्ट्र की बात करें तो पुरे राज्य में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई, वहीं विदर्भ में यह आकड़ा बढ़कर 27 प्रतिशत हो गया। बारिश नहीं आने से खेतो में बोई फसलों को भारी नुकसान हुआ। सोयाबीन, कपास सहित तुअर, मुंग जैसी फैसले पानी नहीं मिलने से खेतो में सुख गई। जिसके किसानों को बड़ा नुकसान हुआ। किसान लगातार सरकार से रहत देने की मांग कर रहे थे। वहीं बीते दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित सुनेत्रा पवार ने राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा किया था। इसी दौरान किसानों से बात करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने अकाल घोषित करने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ शनिवार को सरकार जीआर निकालकर राज्य के 75 प्रतिशत हिस्से को अकाल घोषित कर दिया। सरकार द्वारा जारी जीआर के अनुसार, विदर्भ के दोनों संभागों में 95 तहसीलों को अकाल घोषित किया है। जारी सूचि के अनुसार, नागपुर जिले के सभी तहसील सूखा घोषित कर दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार,
मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ शनिवार को सरकार जीआर निकालकर राज्य के 75 प्रतिशत हिस्से को अकाल घोषित कर दिया। सरकार द्वारा जारी जीआर के अनुसार, विदर्भ के दोनों संभागों में 95 तहसीलों को अकाल घोषित किया है। जारी सूचि के अनुसार, नागपुर जिले के सभी तहसील सूखा घोषित कर दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार,
नागपूर विभाग:-
कामठी, सावनेर, पारशिवनी, मौदा, भिवापूर, कळमेश्वर, काटोल, रामटेक, हिंगणा, उमरेड, कुही, नरखेड, नागपूर शहर , वर्धा, सेलू, देवळी, आर्वी, समुद्रपूर, हिंगणघाट, आष्टी, भंडारा, पवनी, लाखांदूर, तिरोडा, चंद्रपूर, भद्रावती, गोंडपिंपरी, राजुरा, कोरपना, मूल, वरोरा, सावली, चिमूर, नागभीड, सिंदेवाही, पोंभुर्णा, गडचिरोली, चामोर्शी।
अमरावती विभाग:-
अमरावती, भातकुली, चांदूर रेल्वे, नांदगाव खंडेश्वर, धामणगाव रेल्वे, अचलपूर, अंजनगाव सुर्जी, तिवसा, धारणी, चिखलदरा, वरुड, मोर्शी, चांदूर बाजार, दर्यापूर, बुलढाणा, जळगाव जामोद, संग्रामपूर, चिखली, देऊळगाव राजा, मेहकर, बुलढाणा, सिंदखेड राजा, लोणार, खामगाव, शेगाव, मलकापूर, मोताळा, नांदुरा, अकोट, अकोला, पातूर, तेल्हारा, मूर्तिजापूर, बाळापूर, बार्शीटाकळी, वाशिम, रिसोड, मालेगाव, मंगरुळपीर, कारंजा, मानोरा, यवतमाळ, बाभुळगाव, कळंब, दारव्हा, दिग्रस, आर्णी, नेर, पुसद, उमरखेड, महागाव, वणी, मारेगाव, झरी-जामणी, केळापूर, घाटंजी, राळेगाव शामिल है।
सभी तहसीलों में टिगर एक लागू
अकाल घोषित होते ही सभी सूखा प्रभावित जिलों में टिगर एक लागू हो गया है। इसी के साथ सरकार ने सरकार ने फसल नुकसान का आकलन पारदर्शी और सटीक तरीके से करने के लिए जिलाधिकारियों को तत्काल खेतों में जाकर पंचनामा करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक प्रभावित खेत में खड़ी फसल की स्थिति दर्शाने वाले फोटो और संबंधित स्थान के सटीक जीपीएस निर्देशांक दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद कृषि आयुक्त के माध्यम से नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को मिलने वाली वास्तविक आर्थिक सहायता के संबंध में अलग से शासनादेश जारी किया जाएगा।
सभी तहसीलों में टिगर एक लागू
अकाल घोषित होते ही सभी सूखा प्रभावित जिलों में टिगर एक लागू हो गया है। इसी के साथ सरकार ने सरकार ने फसल नुकसान का आकलन पारदर्शी और सटीक तरीके से करने के लिए जिलाधिकारियों को तत्काल खेतों में जाकर पंचनामा करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक प्रभावित खेत में खड़ी फसल की स्थिति दर्शाने वाले फोटो और संबंधित स्थान के सटीक जीपीएस निर्देशांक दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद कृषि आयुक्त के माध्यम से नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को मिलने वाली वास्तविक आर्थिक सहायता के संबंध में अलग से शासनादेश जारी किया जाएगा।
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