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Nagpur

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया निर्देश, राज्य के सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, डॉक्टर न लिखें बाहरी दवाएं


नागपुर: महाराष्ट्र सरकार 15 अगस्त से सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त कर देगी। लोगों को आधिकारिक पहचान पत्र के माध्यम से अपना पंजीकरण कराना होगा। मरीजों को जांच के लिए पैसे नहीं देने होंगे। ईसीजी, एक्स-रे, सीटी स्कैन, प्रयोगशाला परीक्षण जैसी सभी जांचें एक पैसा भी चार्ज किए बिना की जानी चाहिए। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने परिपत्र जारी कर यह दिशानिर्देश दिए हैं।

पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा जारी इस परिपत्र में यह भी कहा गया है कि आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में भाग लेने वाले डॉक्टरों को मरीजों को बाहर से दवाएं या अन्य उपभोग्य वस्तुएं खरीदने के लिए नहीं कहना चाहिए। यदि दवाएं उपलब्ध नहीं हैं तो उन्हें रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) अनुदान के माध्यम से दवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

यह हैं अन्य दिशानिर्देश

  • मरीजों को डिस्चार्ज देते समय कोई शुल्क न लिया जाए
  • यदि कोई शिकायत हो तो मरीज टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं
  • सरकार द्वारा दर्ज की गई हर शिकायत पर ध्यान देगी और इसे जिला स्वास्थ्य अधिकारी को बताएगी
  • यदि यह पाया गया कि मरीजों से कोई अनावश्यक शुल्क लिया जा रहा है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना जिला स्वास्थ्य अधिकारी की जिम्मेदारी होगी
     

इसे राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सभी 2,418 स्वास्थ्य संस्थानों में लागू किया जाएगा। जिसमें पीएचसी, ग्रामीण अस्पताल, महिला अस्पताल, जिला सामान्य अस्पताल, उप-विभागीय अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे कैंसर अस्पताल शामिल हैं।