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Nagpur

अब ट्रैफिक चालान नहीं भरा तो गुल हो जाएगी घर की 'बत्ती'! बकाया वसूलने सुप्रीम कोर्ट ने सुझाया अनोखा तरीका


नागपुर: क्या आपने भी अपनी गाड़ी के ट्रैफिक चालान (E-Challan) नहीं भरे हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके होश उड़ाने के लिए काफी है। नागपुर शहर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी अब अंतिम चरण में है, और इस बार का जुगाड़ ऐसा है कि चाहकर भी कोई बच नहीं पाएगा।

शहर में कुल 347 करोड़ रुपये के ट्रैफिक ई-चालान की राशि लंबे समय से बकाया पड़ी है। चालान भरने में हो रही इस भारी लापरवाही को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा विचार सामने रखा है, जो सीधे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को हिलाकर रख सकता है।

नया फॉर्मूला: 'बिजली बिल' से जुड़ेगा ट्रैफिक चालान!
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान एक क्रांतिकारी सुझाव दिया है—जिन लोगों ने ट्रैफिक चालान का भुगतान नहीं किया है, उनके बकाये को सीधे बिजली के बिल (Electricity Bill) के साथ जोड़ दिया जाए!  देश भर में कुल 45 हजार करोड़ रुपये के ई-चालान जारी किए गए हैं, जिसमें से सिर्फ 25 हजार करोड़ रुपये ही वसूल हो पाए हैं। यानी करीब 20 हजार करोड़ रुपये हवा में लटके हुए हैं।

अकेले नागपुर में 347 करोड़ रुपये के चालान बकाया हैं। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि जब तक चालान को किसी बेहद जरूरी और नियमित भुगतान वाली सेवा (जैसे बिजली बिल) से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक लोग इसे गंभीरता से नहीं लेंगे।

चालान न भरने पर और क्या-क्या हो सकता है?
अगर यह नया सिस्टम लागू होता है, तो चालान डिफॉल्टरों के लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इन विकल्पों पर भी चर्चा की है:

  • वाहन ब्लैकलिस्ट: परिवहन पोर्टल पर गाड़ी सीधे ब्लैकलिस्ट कर दी जाएगी।
  • रजिस्ट्रेशन और ट्रांसफर पर रोक: वाहन से जुड़ी कोई भी सेवा या ओनरशिप ट्रांसफर नहीं हो पाएगी।
  • दस्तावेज जब्ती: पीयूसी (PUC), फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण (Renewal) पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा।

क्या नागपुर में कल से ही लागू हो जाएगा नियम?
नहीं! नागपुर ट्रैफिक पुलिस अपने स्तर पर यह व्यवस्था सीधे लागू नहीं कर सकती। इसके लिए राज्य सरकार की मंजूरी और संबंधित विभागों (जैसे महावितरण और परिवहन विभाग) के बीच एक मजबूत समन्वय प्रणाली तैयार करनी होगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में ट्रैफिक चालान सिर्फ मोबाइल पर आने वाला मैसेज या कागज का टुकड़ा नहीं रहेगा, बल्कि यह सीधे आपकी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ सकता है।