logo_banner
Breaking
  • ⁕ हिदायत पटेल हत्याकांड: कांग्रेस ने दो संदिग्ध नेताओं को किया निलंबित ⁕
  • ⁕ अमरावती मनपा चुनाव: युवा स्वभामिनी ने भाजपा का बिगाड़ा खेल, केवल जीत पाई 25 सीट ⁕
  • ⁕ Chandrapur Election Result: भाजपा को लगा झटका, 27 सीट जीतकर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी; देखें उम्मीदवारों की पूरी सूची ⁕
  • ⁕ Akola Municipal Corporation Result: अकोला मनपा पर भाजपा का परचम, 38 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी ⁕
  • ⁕ Municipal Corporation Election 2026: नागपुर मनपा में भाजपा की प्रचंड जीत, लगातार चौथी बार सत्ता में हुई काबिज ⁕
  • ⁕ Chandrapur NMC Election 2026: कांग्रेस को बड़ी बढ़त, चंद्रपुर में जीत लगभग तय: विजय वडेट्टीवार ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

कोराडी पावर प्लांट विस्तार: विरोध को दरकिनार करते राज्य कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मान्यता, 10,625 करोड़ आएगी लागत


नागपुर: कोराडी स्थित पवार प्लांट के विस्तार को लेकर शुरू विरोध को दरकिनार करते हुए राज्य कैबिनेट ने प्रस्ताव को मान्यता दे दी। गुरुवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रोजेक्ट के 10,625 करोड़ के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी देदी। कुल लागत का 80 प्रतिशत कर्ज और 20 प्रतिशत रकम राज्य सरकार पांच साल में देगी। 

राज्य सरकार ने कोराडी पावर प्लांट परिसर में कोयले से चलने वाले 660 मेगावाट के दो सुपर क्रिटिकल प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। गुरुवार को राज्य कैबिनेट ने प्लांट के स्थापित करने के दौरान आने वाले बजट का प्रस्ताव पेश दिया। जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी। पुरे प्रोजक्ट में 10,625 करोड़ रूपये का खर्च आने वाला है। कुल खर्च का 80 प्रतिशत कर्ज से पूरा किया जाएगा। वहीं 20 प्रतिशत राशि राज्य सरकार पांच सालों में देगी। पवार प्लांट का निर्माण महावितरण द्वारा किया जाएगा। 

लगातार किया जा रहा था विरोध 

कोराडी परिसर में बढ़ते प्रदुषण को देखते हुए स्थानीय लोग लगातार प्रोजक्ट का विरोध कर रहे थे। यही नहीं इसको लेकर आंदोलनकारियों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। जिसके बाद गडकरी ने पत्र लिखकर फडणवीस से इस प्रोजक्ट को कोराडी से पाराशिवनी में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था। हालांकि, सरकार ने सभी विरोध को दरकिनार करते हुए कोराडी में ही स्थापित करने का निर्णय लिया।