logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

Ambazari Lake: अंबाझरी तालाब के बढ़ते जलस्तर से नागरिकों में दहशत, बाढ़ को लेकर डर का माहौल


नागपुर: शहर का प्रसिद्ध अंबाझरी तालाब (Ambazari Lake) शनिवार को आई बारिश के बाद ओवरफ्लो (Overflow) हो गया है। हालांकि, नागपुर महानगर पालिका (Nagpur Municipal Corporation) ओवरफ्लो को रोकने के लिए डीजल पंप लगाकर पानी को फेंक रही हैं। अंबाझरी के ओवरफ्लो की जानकारी मिलते ही आस-पास के रहवासी क्षेत्रों के नागरिकों में भय का माहौल है। बाढ़ को लेकर सभी में डर के साये में हैं। 

ज्ञात हो कि, बीते वर्ष सितम्बर महीने में शहर के अंदर बादल फटने जैसे बारिश हुई थी। करीब तीन घंटे में 150 एमएम से ज्यादा बारिश हुई थी। जिसके कारण अंबाझरी तालाब ओवरफ्लो हो गया था। तालाब से इतना बीपानी बहा था कि, नाग नदी में बाढ़ आ गई थी। जिसके कारण नदी के किनारे रहने वाले लोगों के घरों में पानी घुस गया था। इस बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए थे। वहीं तीन से चार लोगों की मौत भी हो गई थी।

बाढ़ में सबसे ज्यादा नुकसान तालाब के किनारे बसे डागा लेआउट, वर्मा ले आउट जैसे क्षेत्रों में हुआ था। करीब छह-छह फिट तक पानी लोगों के घरों में रहा, जिसके कारण दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली तमाम चीजे बारिश के कारण ख़राब हो गई थी। वहीं अब एक बार फिर जब अंबाझरी तालाब ओवरफ्लो के करीब पहुंच गया है तो इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जेहन में 10 महीने पुरानी घटना एक बार फिर सामने आ गई। बढ़ते जलस्तर से लोग बाढ़ को लेकर आशंकित हैं।