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Nagpur

RTE प्रवेश: फर्जी दस्तावेज जमा करने के आरोप में 17 अभिभावकों के खिलाफ मामला दर्ज


नागपुर: आरटीई प्रवेश के लिए फर्जी दस्तावेज जमा कर शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों में प्रवेश पाने वाले 17 अभिभावकों के खिलाफ सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। 

आरोपियों में कामरान शम्स, मोहम्मद बशीर, यश अरोरा, सूरज घोडके, मोहम्मद सुलेमान अली, शाहबाज पीर खान, सलीम अजीम बेग, मनीष शहाणे, शरद देवधाने, राशिद अमीन, शाहबाज नियाज पीर खान, तारदेव पवार, शेख एडी जावेद, श्यामशंकर सत्यनारायण पांडे का समावेश है।

सरकारी योजना के मुताबिक आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर छात्रों को मुफ्त प्रवेश दिया जाता है। इसके तहत परिसर के 3 किलोमीटर के दायरे के किसी भी निजी स्कूल के छात्र प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए माता-पिता को छात्र का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, माता-पिता का आय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही छात्र की उम्र की भी शर्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें से कुछ अभिभावकों के पास वर्ष 2023-24 की प्रवेश प्रक्रिया के लिए दस्तावेज कम होने तथा बच्चे की उम्र अधिक होने के कारण दलालों के चक्कर में पड़ गये और फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन आवेदन अपलोड कर दिये। 

एक साल तक नहीं हुई कार्रवाई 

शिक्षा विभाग ने आरटीई प्रवेश आवेदनों और दस्तावेजों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था। इस समिति में निजी स्कूलों के कर्मचारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी आदि शामिल थे। समिति की जांच में फर्जी दस्तावेज दिए जाने के कई मामले सामने आए थे। लेकिन एक साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कुछ संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मीडियाकर्मियों ने जिला परिषद कार्यालय और नागपुर शिक्षा विभाग को शिकायत की थी। आखिरकार शिक्षा विभाग के 8 अधिकारी सीताबर्डी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के तहत पुलिस ने 17 आरोपी अभिभावकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं तहत मामला दर्ज किया।