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कर्नाटक ने अकाल किया घोषित, महाराष्ट्र में कब होगा? विजय वडेट्टीवार का महायुति सरकार पर हमला; राहुल बोंद्रे पर किया बड़ा दावा


नागपुर: महाराष्ट्र में इस वर्ष सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश के चलते सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। सोयाबीन, कपास समेत कई फसलें बारिश की कमी के कारण बर्बादी की कगार पर हैं, जबकि विदर्भ और मराठवाड़ा में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। फसलों को हुए नुकसान से किसान आर्थिक संकट में हैं और लगातार सरकार से सहायता की मांग कर रहे हैं। वहीं, राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए अकाल घोषित करने की मांग भी तेज हो गई है। विपक्षी महाविकास अघाड़ी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने अकाल की घोषणा में हो रही देरी पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्नाटक ने अकाल घोषित कर दिया है, लेकिन महाराष्ट्र में अब तक इसकी घोषणा क्यों नहीं हुई? उन्होंने राज्यभर में पालकमंत्रियों के दौरों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

नागपुर के डॉ बाबासाहेब आंबेडकर अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए वडेट्टीवार ने कहा, "मंत्री दौरे कर रहे हैं और काजू-बादाम खा रहे हैं, लेकिन उन्हें किसानों की परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मंगाकर सूखा घोषित किया जा सकता था, फिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली से आदेश मिलने के बाद ही महाराष्ट्र में सूखा घोषित किया जाएगा।"

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि 2024 के चुनावों के दौरान सरकार ने विशेष जीआर जारी कर सहायता की सीमा दो हेक्टेयर से बढ़ाकर तीन हेक्टेयर की थी, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद इसे फिर तीन हेक्टेयर से घटाकर दो हेक्टेयर कर दिया गया। वडेट्टीवार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि काम निकल जाने के बाद किसान को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि जब कर्नाटक सरकार सूखा घोषित कर चुकी है, तो महाराष्ट्र सरकार को भी बिना किसी और देरी के राज्य में सूखा घोषित करना चाहिए।

बोंद्रे पर झूठे केस बनाकर बनाया गया दवाब 
राहुल बोंद्रे को लेकर वडेट्टीवार ने बड़ा दावा किया है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, राहुल गांधी से बातचीत के बाद राहुल बोंद्रे ने भाजपा में जाने का अपना फैसला बदल दिया। पार्टी का आरोप है कि राहुल बोंद्रे पर बिना किसी संबंध के झूठे मामले दर्ज कर जांच की गई और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बेवजह केस दर्ज कर परेशान किया गया।

वडेट्टीवार का दावा है कि लगातार हो रही कार्रवाई और दबाव के चलते राहुल बोंद्रे के मन में भाजपा में जाने का विचार बना था। इसके बाद राहुल गांधी ने उनसे संपर्क किया और दोनों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाकर राहुल बोंद्रे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी। पार्टी के मुताबिक, राहुल गांधी से बातचीत के दौरान राहुल बोंद्रे ने हर परिस्थिति का सामना करने और जो होगा, वह देखने का दृढ़ संकल्प जताया।