"भाजपा में जाने से पहले शिवसेना में शामिल होने वाले थे राहुल बोंद्रे", विधायक संजय गायकवाड़ का बड़ा दावा
बुलढाणा: चिखली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल बोंद्रे (Rahul Bondre) का ऐन वक्त पर तय हुआ भाजपा (BJP) प्रवेश टलने से विदर्भ (Vidarbha) की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ (Sanjay Gaikwad) ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के फोन के बाद राहुल बोंद्रे ने भाजपा में शामिल होने का अपना फैसला बदल दिया। इतना ही नहीं, गायकवाड़ ने यह भी दावा किया कि भाजपा में जाने से पहले राहुल बोंद्रे शिवसेना में शामिल होने वाले थे।
क्या बोले विधायक संजय गायकवाड़?
बुलढाणा में चुनिंदा मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान संजय गायकवाड़ ने चिखली की भाजपा विधायक श्वेता महाले और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल बोंद्रे पर भाजपा की ओर से काफी दबाव बनाया गया था। गायकवाड़ के मुताबिक, इस दबाव के चलते बोंद्रे मानसिक रूप से परेशान थे और इसी वजह से उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया था।
गायकवाड़ ने आगे दावा किया कि ऐन वक्त पर राहुल गांधी ने राहुल बोंद्रे से फोन पर बातचीत की और उन्हें हौसला दिया। उनके अनुसार, राहुल गांधी के फोन के बाद बोंद्रे ने भाजपा में शामिल होने का फैसला बदल दिया, जिससे भाजपा की पूरी तैयारी पर पानी फिर गया।
‘भाजपा से पहले शिवसेना में आने वाले थे बोंद्रे’
संजय गायकवाड़ ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राहुल बोंद्रे भाजपा में शामिल होने से पहले शिवसेना में आने वाले थे।गायकवाड़ के मुताबिक, “मैं खुद हाल ही में राहुल बोंद्रे को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास लेकर गया था। हमारी मुलाकात हुई थी और हमारे फार्महाउस पर बैठकें भी हुई थीं। शिवसेना में आने का उनका फैसला भी तय हो गया था।”
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में हुई जिला सहकारी बैंक की चुनाव प्रक्रिया और अपनी तबीयत के कारण वह कुछ समय तक बोंद्रे के संपर्क में नहीं थे। इसी दौरान उन पर दबाव बढ़ा और उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा।
राहुल बोंद्रे के भाजपा प्रवेश को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम के बीच संजय गायकवाड़ के दावों ने बुलढाणा की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। जिले में भाजपा और शिवसेना के बीच आंतरिक मतभेदों को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी होती रही है। ऐसे में गायकवाड़ के बयान के बाद महायुति के भीतर भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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